-सक्षम लोगों का त्याग बन रहा गरीबों का निवाला
-54 लाख पात्र वंचितों को मिली खाद्य सुरक्षा
श्रीगंगानगर। राजस्थान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में सक्षम व्यक्तियों द्वारा स्वेच्छा से नाम हटवाने के लिए चल रहा ‘‘गिव अप अभियान’’ प्रदेश में खाद्य सुरक्षा से वंचित पात्र लोगों के लिए आशा की किरण साबित हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा के निर्देशन में सक्षम व्यक्तियों को स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा सूची से नाम हटवाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से गत वर्ष 1 नवंबर से ‘‘गिव अप अभियान’’ चलाया जा रहा है। प्रदेश भर में अब तक 25 लाख से अधिक सक्षम लाभार्थियों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा छोड़ी है। साथ हीए प्रदेश में लगभग 27.62 लाख लोगों द्वारा ई-केवाईसी संपन्न नहीं करवाई गई, जिससे उनका नाम स्वतः खाद्य सुरक्षा सूची से हट गया। इस अभियान के कारण पात्र वंचितों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ने में भी बड़ी सफलता मिल रही है। गत 26 जनवरी को खाद्य सुरक्षा पोर्टल के पुनः प्रारंभ होने के बाद अब तक 54 लाख से अधिक पात्र लाभार्थी खाद्य सुरक्षा से जोड़े जा चुके हैं।
राज्य सरकार निरंतर सभी पात्र वंचितों को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य कर रही है। प्रदेश में जनसंख्या के अनुपात में एनएफएसए के अंतर्गत लगभग 4.46 करोड़ लाभार्थियों की सीलिंग है। यह संख्या पूरी हो जाने के कारण नए पात्र लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसे देखते हुए सरकार द्वारा गिव अप अभियान की पहल की गईए जो आगामी 31 अगस्त तक चलाया जाएगा।
प्रदेश की जनता ने इस अभियान को सामाजिक न्याय के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा। गिव अप अभियान में अब तक सबसे अधिक जयपुर जिले में 2 लाख 6 हजार 596, सीकर जिले में 95 हजार 582, उदयपुर जिले में 92 हजार 428, बीकानेर जिले में 88 हजार 787 एवं बांसवाड़ा जिले में 86 हजार 530 लोगों ने स्वेच्छा से अपना नाम हटवाया है। आमजन से मिले सहयोग के कारण आज गिव अप अभियान प्रदेश में जन आंदोलन का रूप ले चुका है। इस अभियान का लक्ष्य है कि सभी सक्षम एवं अपात्र लाभार्थी स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा त्यागें ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को योजना का लाभ मिल सके। प्रदेश के सभी जिलों में गिव अप अभियान की गहन मॉनिटरिंग की जा रही है।
खाद्य सुरक्षा के पात्र लाभार्थियों को मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत प्रति वर्ष 450 रुपए में 12 गैस सिलेंडर, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के तहत 5 लाख रुपए का सुरक्षा बीमा एवं मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत निशुल्क चिकित्सा सुविधा भी मिल रही है। राज्य सरकार के इस कल्याणकारी कदम से वंचित लोग मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। राज्य बजट वर्ष 2025-26 में 10 लाख नए लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ने की घोषणा की गई थी, इस लक्ष्य को बजट सत्र के दौरान ही विभाग द्वारा पूरा कर लिया गया।
Shri Ganga NagarNews
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में चल रहे गिव अप अभियान ने बदली सोच
-25 लाख अपात्रों ने खुद छोड़ी खाद्य सुरक्षा
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