श्रीगंगानगर। आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वाराजन आधार 2.0 के जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन गुरूवार को किया गया। जिसमें ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी, ब्लॉक सांख्यिकी कार्यालयों में जन आधार से संबंधित कार्य करने वाले कार्मिकों और सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के कार्मिकों ने भाग लिया।
उपनिदेशक, आर्थिक एवं सांख्यिकी श्रीमती सरोज कुमारी ने बताया कि मास्टर ट्रेनर श्री दीपक कुमार एवं श्रीमती अमनप्रीत कौर, सहायक प्रोग्रामर द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण दौरान यह बताया गया, कि जन आधार राजस्थान की ‘‘एक नंबर, एक कार्ड, एक पहचान’’ पर आधारित सामाजिक आर्थिक डायरेक्टरी है। इस योजना के तहत राज्य के निवासी परिवारों की जन-सांख्यिकीय एवं सांमाजिक-आर्थिक सूचनाओं का डाटाबेस तैयार किया गया है एवं जन आधार के माध्यम से परिवार एवं उसके सदस्यों की पहचान तथा पते के दस्तावेज के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। इस योजना के माध्यम राज्य की विभिन्न नकद विभागीय योजनाओं के लाभ पारदर्शी रूप से सीधे ही लाभार्थी के बैंक खाते में तथा गैर-नकद लाभ निवासियों को उनके घर के समीप उपलब्ध करवाया जा रहा है। जन आधार योजना में राजस्थान सरकार की लगभग 161 योजनाएं जुड़ी हुई है। इन योजनाओ का लाभ जन आधार के माध्यम से दिया जा रहा है।
 जनआधार में ग्रामीण क्षेत्र में द्वितीय स्तरीय सत्यापक अब संबंधित क्षेत्र के ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी होंगे। प्रशिक्षण में जन आधार पोर्टल पर होने वाले नामांकन, परिवर्तन, परिवार विभाजन, सदस्य स्थानान्तरण, सदस्य निरस्तीकरण इत्यादि के वेरिफिकेशन से संबंधित विभिन्न अपडेशन की जानकारी प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रतिभागियों को दी गई। प्रशिक्षण में बताया कि विभिन्न योजनाओं यथा एनएफएसए, पेंशन, आरजीएचएस, स्वावलम्बन योजना (यूडीआईडी कार्ड) इत्यादि की जन आधार में सीडिंग योजना से संबंधित विभाग द्वारा ही की जावेगी, ओपन सेशन के माध्यम से प्रतिभागियों की समस्याओं का निस्तारण किया गया एवं उपनिदेशक द्वारा समस्त ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारियों को अगस्त के प्रथम सप्ताह में उपखण्ड अधिकारी की अध्यक्षता में प्रथम स्तरीय सत्यापकों को जन आधार 2.0 का प्रशिक्षण देने हेतु निर्देशित किया गया।