श्रीगंगानगर। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान जिला कलक्टर ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में गठित राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर एवं संवेदनशील है। इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर एवं सुदृढ़ बनाने के लिए अधिकारीगण नियमित रूप से स्वास्थ्य केंद्रों की मोनिटरिंग करें और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करवाएं।
बैठक में जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने कहा कि मौसमी बीमारियों को लेकर गंभीरता बरती जाए और नियमित रूप से एंटी लार्वा गतिविधियां करें। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जहां भी पानी ठहरा हुआ है, वहां संबंधित पालिका एवं परिषद से संपर्क कर आवश्यक दवा डलवाएं। जिला अस्पताल में पर्याप्त व्यवस्था रखें। आमजन को व्यापक रूप से जागरूक करें।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि आमजन को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर किसी तरह की कोई परेशानी न हो। किसी कार्मिक की लापरवाही से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए। बीसीएमओ व संस्थान प्रभारी अधिकारी की जिम्मेदारी बनती है कि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें।
टीबी कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त अभियान को सामूहिक भागीदारी के साथ सफल बनाएं। ब्लॉक अपने एरिया में ज्यादा से ज्यादा निक्षय मित्र बनाकर टीबी मरीजों को लाभान्वित करवाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि ओपीडी समय में चिकित्सक अपने कक्ष में ही मिलें ताकि मरीजों को इंतजार न करना पड़े। आयुष्मान आरोग्य योजना पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जो संस्थान कम पैकेज बुक कर रहे हैं, वे सुधार करें।
जेएसवाई व आरएसवाई की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि लाभार्थियों के अकाउंट नंबर व अन्य दस्तावेज लें एवं सभी को लाभान्वित करवाएं। विभागीय स्तर पर इन योजनाओं में किसी का भुगतान लंबित नहीं रहना चाहिए। मुख्यमंत्री दवा योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए। सभी प्रभारी अधिकारी संबंधित सभी केंद्रों पर दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करें। दवा वितरण केन्द्र समय पर खोलने के लिए पाबंद किया गया।

जिला कलक्टर ने मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच और दवा योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जांच एवं दवा के अभाव में मरीज को परेशानी न हो। संस्थागत प्रसव के मामले में उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि स्टाफ नियमित रूप से केंद्र पर ठहरें। बैठक में परिवार कल्याण कार्यक्रम, मौसमी बीमारियों, मां वाउचर योजना, ओडीके एप, गुड सेमेरिटियन, एनीमिया, पीसीपीएनडीटी व अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा की गई। इस दौरान सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला, पीएमओ डॉ. दीपक मोंगा, डॉ. गिरधारी लाल, महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक श्री विजय कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।