श्रीगंगानगर,अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस (8 सितम्बर 2025) को इस वर्ष ‘डिजिटल युग में साक्षरता को बढावा देना‘ की थीम पर मनाया जा रहा है। यह दिवस साक्षरता को महत्व प्रदान करने और आत्मनिर्भर व जागरुक नागरिकों का निर्माण करने के लिये मनाया जाता है।
जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा अधिकारी श्री गिरजेश कांत शर्मा एवं मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्री सुनील कुमार की अध्यक्षता में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत ‘जन जन साक्षर‘ को केंद्रित किया जाकर जिला एवं ब्लॉक स्तर पर महात्मा गांधी विद्यालय नं 4 में अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर लोक अभियोजक श्रीमती सुप्रीमा चितलांगिया एवं डिप्टी जेलर केन्द्रीह काराग्रह श्री महेश कुमार शर्मा उपस्थित रहे।
मां सरस्वती को माल्यापर्ण एवं दीप प्रज्जवलित कर सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभांरभ किया गया। तत्पश्चात आयोजन स्थल पर जिला शिक्षा एवं सतत् शिक्षा अधिकारी द्वारा विशिष्ठ अतिथियों तथा अन्य आगन्तुको का स्वागत किया गया। इस अवसर पर छात्र एवं छात्रओं द्वारा साक्षरता संबंधी गीत, कविता आदि आकर्षक प्रस्तुतियां दी गयी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, श्रीगंगानगर द्वारा आह्वान किया गया कि साक्षरता कार्यक्रम बहुआयामी है, अक्षर ज्ञान तक सीमित न रहकर इसे डिजिटल साक्षरता, नशामुक्ति, सामाजिक चेतना और कुरीतियों के निवारण से जोडना चाहिये एवं उन्होंने साक्षरता कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु जन सहभागिता की अपील की। श्रीमती सुप्रीमा चितलांगिया द्वारा छात्र एवं छात्राओं को साक्षरता का महत्व एवं विधिक कानूनी जानकारी साझा की गयी।
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्री सुनील कुमार द्वारा बुनियादी साक्षरता के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमती रुबी वर्मा द्वारा उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि उल्लास सिर्फ एक साक्षरता कार्यकम नहीं एक व्यापक जन आंदोलन है, जिसके सार्थक एवं सफल क्रियान्वयन हेतु सामाजिक सहभागिता की आवश्यक्ता है। कार्यक्रम में श्रेष्ठ स्वयंसेवी शिक्षक एवं लर्नर्स को प्रशस्ति पत्र वितरित कर उत्साहवर्धन किया गया।
     इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, प्रधानाचार्या मटका चौक, श्रीमती पारुल राठी, श्रीमती नीलम पंवार, श्री लक्ष्मण कुमार, श्री कृष्ण भुवांल, श्री राम चन्द्र, श्री अंकुश, श्री अबदुल हाफीज उपस्थित रहे।