श्रीगंगानगर। माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुसार ग्रामीणों की समस्याओं का उनके गांव में ही निपटारा हो, इसको लेकर 17 सितम्बर 2025 से श्रीगंगानगर में ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किये जायेंगे। शिविरों में मुख्य रूप से 16 विभागों के विभिन्न कार्य ग्राम स्तर पर ही सम्पादित किये जायेंगे।
जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने बताया कि ग्रामीण सेवा शिविरों में राजस्व विभाग द्वारा लम्बित फार्मर रजिस्ट्री को पूर्ण करना, किसान गिरदावरी एप डाउनलोड करवाना, राजस्व न्यायालयों के लम्बित नोटिसों की तामिली, कुर्रेजात रिपोर्ट तैयार करना, सहमति से विभाजन, नामांतकरण, मूल निवास व जाति प्रमाण पत्र जैसे कार्य सम्पादित किये जायेंगे। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव के तहत 10 हजार और बीपीएल परिवारों का सर्वे, विधायक एवं सांसद स्थानीय क्षेत्र कार्यक्रम के तहत स्कूलों इत्यादि की मरम्मत के लिये स्वीकृतियां एवं कार्य, पंचायती राज विभाग द्वारा स्वामित्व योजना में पट्टे जारी करना, मिशन हरियालो राजस्थान के तहत पौधारोपण, स्वच्छ भारत मिशन, क्षतिग्रस्त स्कूल, आंगनबाड़ी सड़क सुधार के कार्य सम्पादित किये जायेंगे।
वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा महिलाओं की जांच, बच्चों का टीकाकरण, टीबी मुक्त भारत अभियान व पीएमजेवाई कार्ड बनाने के कार्य किये जायेंगे। पशुपालन विभाग द्वारा पशु स्वास्थ्य शिविर एवं टीकाकरण, ऊर्जा विभाग द्वारा बिजली के तारों को खिचवाना व बिल संबंधी शिकायतों का निस्तारण, कृषि विभाग द्वारा बीज मिनीकिट वितरण, आयोजना विभाग द्वारा प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना व अटल पेंशन योजना के कार्य, जनजाति एवं क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा आदिकर्मयोगी अभियान का क्रियान्वयन, खाद्य विभाग द्वारा एनएफएसए के लम्बित प्रकरणों का निस्तारण, शामिल नये पात्र परिवारों की आधार सीड़िंग व एनएफएसए परिवारों की ई-केवाईसी के कार्य करवाये जायेंगे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पालनहार, मुख्यमंत्री घुमन्तू आवास योजना, छात्रावासों का रखरखाव, यूडीआईडी कार्ड बनाना, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं के लिये मैटरनिटी न्यूट्रिशन योजना का लाभ देना, श्रम विभाग द्वारा टूलकिट, औजार सहायता का लाभ, आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग द्वारा जनहानि, पशुहानि एवं मकानों के नुकसान के आवेदन प्राप्त कर स्वीकृति जारी करना तथा जल संसाधन विभाग द्वारा जल भराव के क्षेत्र चिन्हित कर पंचायत से समन्वय कर निकासी की कार्य योजना, कॉज-वे बनाना, बांधों की उंचाई, गेट लगाने के प्रस्ताव, जल निकासी मार्गों के अतिक्रमण चिन्हित करना व क्षतिग्रस्त बांधों की मरम्मत के प्रस्ताव तैयार करने के कार्य सम्पादित किये जायेंगे।