श्रीगंगानगर। पंचायत समिति सादुलशहर के गांव बहरामपुरा बोदला में सोमवार को आत्मा योजना अन्तर्गत एक दिवसीय रबी किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया।
        परियोजना निदेशक (आत्मा) डॉ. विनोद सिंह गौतम ने आत्मा योजनान्तर्गत कृषक पुरस्कार चयन हेतु पत्रावली कैसे तैयार की जानी है, की जानकारी देते हुए बताया कि सीमित संसाधनों से अनूठे प्रयोग कर फसल उत्पादन व पर्यावरण संरक्षण में सुधार लाने वाले किसान इस पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं। साथ ही किसान इंटर स्टेट टूर का महत्व बताते हुए उन्हें अन्य राज्यों की उन्नत कृषि पद्धतियों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
        कृषि अधिकारी श्री मोहित कुमार ने मिट्टी स्वास्थ्य, एकीकृत पोषण प्रबंधन एकीकृत कीट प्रबन्धन व कीट प्रतिरोधकता के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने किसानों को समय-समय पर मिट्टी परीक्षण करवाने, संतुलित उर्वरक व जैविक खाद का प्रयोग करने तथा वैज्ञानिक तरीकों से कीट प्रबन्धन अपनाने एवं उनके लाभ के बारे में विस्तार को जानकारी दी।
        सहायक कृषि अधिकारी श्री इन्द्राज मेहरड़ा ने कृषि विभाग द्वारा देय योजनाओं एवं अनुदान की पूरी प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि किसान उर्वरक, बीज, पंप सेट व मशीनरी पर मिलने वाला अनुदान का लाभ सरकारी पोर्टल के माध्यम से कैसे प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही आवश्यक दस्तावेज व आवेदन की प्रक्रिया को विस्तार से जानकारी दी।
पशु चिकित्सक डॉ. रवीना ने मंगला पशु बीमा योजना व पशु टीकाकरण के फायदे के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि पशु बीमा योजना के अन्तर्गत किसान अपने मवेशियों को बीमारी, दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा से सुरक्षित रख सकते हैं। साथ ही नियमित टीकाकरण से पशु स्वास्थ्य बेहतर बनता है एवं उत्पादकता बढ़ती है। किसानों को नजदीकी पशु चिकित्सा केन्द्र से निःशुल्क टीकाकरण करवा सकता आदि की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
        समापन सत्र में परियोजना निदेशक (आत्मा) ने किसानों को वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर, उपलब्ध सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने और सतत कृषि की दिशा में अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया। किसानों ने इस गोष्ठी आयोजन को अत्यंत उपयोगी बताया। इससे उन्हें खेती व पशुपालन से जुड़ी नई तकनीकें ,नवाचार और सरकारी योजनाओं की महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई है, जो भविष्य में उनकी आय व उत्पादन को और अधिक बेहतर बनाने में सहायक होगी।