श्रीगंगानगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रविन्द्र कुमार (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) श्रीगंगानगर के निर्देश पर अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को तपोवन काॅलेज आॅफ विशेष शिक्षण एवं अनुसंधान केन्द्र, श्रीगंगानगर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री रवि प्रकाश सुथार (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) श्रीगंगानगर के द्वारा विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
 इस शिविर के दौरान एडीजे श्री सुथार ने काॅलेज में उपस्थित छात्राओं व काॅलेज स्टाफ को सम्बोधित करते हुए तथा अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की अग्रिम शुभकामनायें प्रदान करते हुए बताया कि यह दिवस महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों का जश्न मनाने वाला एक वैश्विक दिवस है। इसका उद्देश्य महिलाओं की समानता के लिए आवाज उठाना और लैंगिक भेदभाव को समाप्त करना है। 08 मार्च का संबंध 1917 में रूसी महिलाओं द्वारा ‘‘रोटी और शांति’’ के लिए किए गए ऐतिहासिक संघर्ष से है। आज भारत देश ‘‘महिला विकास’’ से ‘महिला-नेतृत्व’ के विकास की ओर अग्रसर हो रहा हंै, जिसमें शिक्षा, रक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में महिलायें आगे बढ़ रही है। शिविर के दौरान एडीजे श्री सुथार द्वारा छात्राओं को बाल विवाह, पीड़ित प्रतिकर, निःशुल्क विधिक सहायता सहित राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।  
 इस दौरान चीफ एलएडीसी रोहताश यादव द्वारा लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम की कार्यप्रणाली से अवगत करवाते हुए नालसा हेल्पलाईन नं. 15100 के बारे में जानकारी दी गई।
 इस अवसर पर तपोवन काॅलेज आॅफ विशेष शिक्षण एवं अनुसंधान केन्द्र के समन्वयक  डाॅ. गौरव दत्ता, एलएडीसी से अधिवक्ता अमनदीप चलाना, करण धवन व विधि प्रशिक्षु अंजलि सिंह आदि उपस्थित रहे। 

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