श्रीगंगानगर। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग जयपुर ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीद हेतु किसान पंजीकरण सम्बन्धी दिशा-निर्देश की निरंतरता में गिरदावरी व्यवस्था व पंजीकृत किसानों द्वारा फसल बेचान हेतु स्लॉट बुकिंग के क्रम में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये हैं।
आरएमएस 2026-27 के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीद हेतु यदि कोई किसान अपने सह-खातेदार के गेहूँ की बिक्री के लिए पंजीकरण करा चुका है, तो सह-खातेदार की सहमति जनआधार नंबर डालकर और उसके पंजीकृत मोबाइल पर भेजे गए ओटीपी से ली जा सकती है। यदि पंजीकरण के दौरान यह नहीं किया गया, तो खरीद केंद्र प्रभारी द्वारा यह किया जा सकता है। गेहूँ का मूल्य केवल पंजीकृत किसान के जनआधार में दिए गए बैंक खाते में ही देय होगा, अन्य सह-खातेदारों को नहीं।
बटाईदार किसान के मामले में, जहां भूमि मालिक के साथ लिखित समझौता उपलब्ध नहीं है, वहां भूमि मालिक का जनआधार नंबर डाला जा सकता है और उसके पंजीकृत मोबाइल पर ओटीपी से सहमति ली जा सकती है। गेहूँ का मूल्य केवल पंजीकृत किसान के जनआधार बैंक खाते में ही देय होगा, भूमि मालिक को नहीं। यदि भूमि मालिक का जनआधार नहीं है, तो बटाईदार को लिखित समझौता अपलोड करने का विकल्प भी उपलब्ध होगा।
सभी क्रय केन्द्रों पर एफसीआई के माध्यम से बारदाना आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही एफसीआई के गोदामों में माल उतारने में हो रही देरी से जुड़ी शिकायतों को देखते हुए खरीद अवधि के दौरान छुट्टियों की संख्या और गोदामों की उपलब्धता को युक्तिसंगत बनाएँ जाने के निर्देश दिए गये है।
पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान किसान 06 अप्रैल से 31 मई 2026 तक अपनी पसंद के किसी भी सप्ताह का चयन कर स्वयं की उपज क्रय केन्द्र पर बेचान हेतु ला सकेंगे। पूर्व में पंजीकृत किसानों को भी यह चयन का विकल्प उपलब्ध होगा, विकल्प चयन न करने की स्थिति में भी खरीद केंद्र उन्हें टोकन जारी कर सकेगा। पिछले वर्षों की तरह टोकन अब खरीद केंद्र द्वारा जारी किए जाएंगे, जिसमें क्षेत्रीय कार्यालय की मंजूरी होगी, ताकि क्रय केन्द्रों की दैनिक खरीद क्षमता का पूर्ण उपयोग हो और किसानों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
यदि कोई किसान बिना पंजीकरण टोकन के आता है, तो खरीद केंद्र को प्रतिदिन शाम 6 बजे से उस दिन के 10 प्रतिशत पंजीकृत किसान संख्या तक स्पॉट पंजीकरण और टोकन जारी करने की अनुमति होगी।
किसान द्वारा बेची जा सकने वाली अधिकतम गेहूँ की मात्रा गिरदावरी में दिखाए गए बोए गए क्षेत्र को उस पटवारी सर्किल की उपज से गुणा करने पर आधारित है, जो कृषि/राजस्व विभाग द्वारा फसल कटाई प्रयोगों से निर्धारित की गई है। तकनीकी कारणों से गिरदावरी अनुसार सीमा कम प्रदर्शित होने की समस्या को दुरस्त कर दिया गया है।
खरीद पोर्टल द्वारा राउंड ऑफ किये जाने के कारण यदि किसान के पास गिरदावरी अनुसार अधिकतम अनुमत मात्रा से अधिक गेहूँ बच जाता है, तो ऐसी परिस्थितियों के लिए क्रय केन्द्र संचालक को गिरदावरी अनुसार अधिकतम अनुमत मात्रा से 5 प्रतिशत अधिक खरीद करने की छूट अनुमत होगी, जो उस दिन के टोकन प्राप्त 10 प्रतिशत किसानों तक सीमित होगी।
ऐसे मामले जिनमें गिरदावरी में हाल ही में मृत किसान का नाम दिख रहा है और भूमि कानूनी वारिसों के नाम पर नामांतरण हो गई है, उनमें वारिस अपडेटेड जमाबंदी की कॉपी अपलोड कर गेहूँ बेच सकेंगे। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण माध्यम से सफलतापूर्वक निर्बाध खरीद की जा रही है। किसान सुविधा के मद्देनजर ऐसे मामले जहाँ जनाधार में अंकित सभी सदस्यों की आयु 70 वर्ष से अधिक है और वह क्रय केन्द्र पर आने में समर्थ नहीं है, उन्हें अपने परिवार के अन्य सदस्य को उनके स्थान पर जनाधार व ओटीपी डालकर मनोनीत कर फसल बेचान करने का विकल्प पोर्टल पर उपलब्ध कराया जायेगा, जिसके द्वारा बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण माध्यम से फसल बेचान किया जा सकेगा। मनोनयन की परिस्थिति में भी उपज का भुगतान सम्बंधित पंजीकृत किसान को उसके जनाधार से जुड़े हुए बैंक खाते में ही किया जायेगा।
समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीद हेतु निर्धारित गुणवत्ता मापदण्डों में आवश्यक होने पर भारत सरकार से शिथिलन प्राप्त कर सम्बंधित आदेश पृथक से विभागीय वेबसाइट पर प्रदर्शित किये जायेंगे। ऐसे किसान जिन्हें पूर्व में स्लॉट आवंटित किया गया था लेकिन गुणवत्ता संबंधी समस्याओं के कारण वह तौल नहीं करवा सके। ऐसे मामलों में, यदि वह भारत सरकार के शिथिल किए गए मापदण्डों के तहत पात्र हो जाता है, तो उन्हें स्लॉट बुकिंग के लिए पुनः पंजीकृत किया जा सकेगा।
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न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद व्यवस्था
पंजीकृत किसानों द्वारा फसल बेचान हेतु स्लॉट बुकिंग को लेकर दिशा-निर्देश
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