श्रीगंगानगर। खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन और श्रमिक संगठन सीटू के संयुक्त नेतृत्व में आज ग्राम पंचायत चक 9 जैड में पंचायत घर का घेराव किया गया। मनरेगा के तहत रोजगार की मांग करने वाले मजदूरों को निर्धारित समय सीमा के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराए जाने के विरोध में यह आंदोलन खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन नेता नरेश शर्मा और सीटू नेता कॉमरेड हरकेवलदीप सिंह के नेतृत्व में किया गया। पंचायत घर के घरों के दौरान संबोधित करते हुए मजदूर नेताओं ने बताया कि मनरेगा में रोजगार प्राप्त करने के लिए फार्म संख्या-6 जमा किए हुए 15 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया। साथ ही मजदूरों को जारी की गई रसीदों पर तारीख अंकित नहीं की गई, जो मनरेगा नियमों के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा मजदूरों का कानूनी अधिकार है, लेकिन पंचायत प्रशासन की लापरवाही के कारण मजदूरों को रोजगार से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही सभी पात्र मजदूरों को रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मजदूर नेता सुरेश शाक्य ने कहा कि पंचायतों की निष्क्रियता और ढीलेपन के रवैये के कारण मनरेगा के कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। बजट उपलब्ध होने के बावजूद प्रस्ताव तैयार नहीं किए जा रहे हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है।
आईडीपी नेता गणपतसिंह ने कहा कि ग्राम पंचायत 9 जैड में लगभग डेढ़ वर्ष से केवल कुछ चुनिंदा लोगों को काम देकर मनरेगा कार्यों को चालू दिखाया जा रहा है। नए प्रस्ताव नहीं बनाए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण मजदूरों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
खेत मजदूर यूनियन की राज्य अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा स्वामी ने बताया कि घेराव के दौरान बड़ी संख्या में महिला मजदूरों एवं ग्रामीणों ने भाग लिया तथा मानव श्रृंखला बनाकर पंचायत घर का घेराव किया। आंदोलन के बाद पंचायत प्रशासन ने मजदूरों की मांगों पर कार्रवाई करते हुए रसीदों पर तारीख अंकित की तथा नए जमा किए गए फॉर्मों की रसीदें भी श्रमिकों को उपलब्ध करवाईं। अधिकारियों ने सभी पात्र मजदूरों को शीघ्र रोजगार उपलब्ध कराने हेतु मस्टररोल जारी करने का आश्वासन दिया।
यूनियन ने मांग की कि मनरेगा नियमों का सख्ती से पालन किया जाए तथा पंचायत स्तर पर लंबित कार्यों को तत्काल शुरू किया जाए।
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