श्रीगंगानगर | स्थानीय सूरतगढ़ रोड नेशनल हाईवे 62 पर स्थित चक 5 ई छोटी(नाईयावाला) में महात्मा गांधी राजकीय विधालय का अस्तित्व खतरे में आ गया है। इस स्कूल की स्थापना सन् 1951 में हुई थी। विधालय के लिए 1950-51 में केसराराम तंवर द्वारा चक 5 ई छोटी मु नं 32 की किला नं 5, 6 की 2 बीघा भूमि दान दी गई थी।तब से यह जमीन आज तक विद्यालय के कब्जा में है। इसकी जमीन की रजिस्ट्री सरपंच और विधालय पत्राचारों के अनुसार सन 1973 से पहले दानदाता द्वारा करवाई गई थी लेकिन कागजात नहीं मिलने और इसका मुश्तरका खाता न होने के कारण वारिस इंतकाल केसराराम के पुत्रों रामकिशन तथा श्योपतराम के नाम से दर्ज हो गया था। इस पर पूर्व मे विधालय, ग्रामपंचायत, तहसीलदार, शिक्षा विभाग द्वारा बार बार पत्र लिखने पर दानदाता के वारिसों ने जमीन के कुछ हिस्से की रजिस्ट्री 2014 में करवा दी लेकिन किला नं 6 का कुछ हिस्सा आज भी रामकिशन व श्योपतराम के नाम दर्ज़ है। इस जमीन पर दानदाता के पुत्रों द्वारा अब कब्जे का प्रयास किया जा रहा है।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व बूथ अध्यक्ष तथा सामाजिक कार्यकर्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने जिला कलेक्टर से निवेदन है कि रामकिशन व श्योपतराम को नोटिस जारी कर शेष जमीन की रजिस्ट्री की भी विधालय के नाम करवाई जाए। सम्पूर्ण भूमि का पट्टा विधालय के नाम का जारी किया जाए ताकि विद्यालय के विकास में कोई परेशानी नहीं आए।
उन्होंने बताया कि इस विद्यालय के आगामी विकास कार्यों के लिए दानदाता द्वारा दी गई संपूर्ण भूमि का पट्टा बनवाया जाना आवश्यक है। उन्होंने जिला कलेक्टर को अवगत करवाया कि 1973 को ग्रामपंचायत चक 4 -एमएल सरपंच तथा पंचों द्वारा लिखकर दिया गया कि मु नं 32 के किला नं 5 व 6 में विद्यालय स्थित है और 1973 से पहले विधालय के नाम से रजिस्ट्री हो चुकी है। विद्यालय के नाम पट्टा बनाने के पत्र (क्रमांक 716/18-03-2006) के जबाब में तहसीलदार पत्र (क्रमांक 1466/ 31-03-2006) में मु नं 32 के किला नं 5 व 6 में स्कूल बना होना बताया गया और खातेदारों से सम्पर्क करने पर वे भूमि का समर्पण नामा देने के लिए तेयार नहीं हुए । श्री बिश्नोई ने इस संबंध में जिला कलेक्टर को भेजे पत्र में तहसीलदार की रिपोर्ट संलग्न है।विद्यालय के विकास कार्यों व शिक्षा विभाग में उपयोग में लेने के लिए पुराना नक्शा बना हुआ है,जिसमें मु नं 32 के किला नं 5 में कमरों का निर्माण किला नं 6 में प्लेग्राउंड व एक कोर्नर में समाधि स्थल व कच्ची चारदीवारी बनी को दिखाया गया है उन्होंने बताया कि विधालय द्वारा पट्टा बनाने के लिए तहसीलदार को रामकिशन तथा श्योपतराम को भेजें गये सभी पत्रों में पट्टा/ रजिस्ट्री करवाने कि मांग की गई। दानदाता के वारिसों रामकिशन तथा श्योपतराम को बार बार पत्र विधालय व ग्रामपंचायत दारा भेजकर 2014 में कुछ हिस्से जितने पर विद्यालय ने निर्माण करवाना था की रजिस्ट्री करवा ली और उस समय रजिस्ट्री में यह लिखा गया है कि पूर्व मे उपरोक्त भूमि हमारे पिता दानकर्ता केसराराम के नाम से रकबा दर्ज था और उन्होंने अपने जीवन काल मे ही उपरोक्त भूमि स्कूल को दान दी है। श्री बिश्नोई ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि यह सार्वजनिक काम होने के नाते जल्द कार्यवाही करते हुए विद्यालय की उपरोक्त सम्पूर्ण भूमि की रजिस्ट्री करवा करवाई जाए।
Shri Ganga NagarNews
1951 में दान दी भूमि पर दानदाता के पुत्रों का मन ललचाया
स्कूल की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास
Related stories
Need to Connect the New Generation with the Legacy of Haldighati and Dewair: Union Minister Shekhawat
Udaipur: Union Minister for Culture and Tourism Gajendra Singh Shekhawat said that the younger generation mus…
Panel Discussion on “Medical Tourism in Udaipur: Possibilities and Challenges” Held on World Tourism Day
Udaipur: On the occasion of World Tourism Day, the Tourism and Hotel Management Programme of Mohanlal Sukhadi…
Seeing the World Through the Camera: Photography Workshop Organised at Pacific College
Udaipur: A photography workshop was organised at Pacific College, Chitrakoot Nagar, on Saturday by Pacific Co…
BCI Yuva Investor Connect 2026 Held in Rajasthan, Attracts Registrations from 350 Startups
Udaipur: BCI Yuva Investor Connect 2026 was organised at IIM Udaipur with the objective of strengthening the…