श्रीगंगानगर। कृषि एवं संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक माननीय किसान आयोग अध्यक्ष श्री सी. आर. चैधरी की अध्यक्षता में शुक्रवार को आत्मा सभागार में आयोजित की गई। इसमें कृषि विभाग, उद्यान विभाग, सहकारिता विभाग, केवीके, राजस्थान राज्य बीज निगम राजस्थान राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था, पशुपालन विभाग आदि विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में कृषि एवं संबद्ध विभागों की विभिन्न योजनाओं, प्रगति, क्रियान्वयन, किसानों को प्रदान की जा रही सेवाओं तथा विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही योजनाओं के प्रभावी संचालन, समयबद्ध क्रियान्वयन एवं किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक में संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) सतीश कुमार शर्मा ने जिले में कृषि के परीदृश्य की जानकारी देते हुए जिले की मुख्य खरीफ व रबी फसलों के क्षेत्रफल, उत्पादन व उत्पादकता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्रीगंगानगर जिले में रबी में गेहूं की उत्पादकता राजस्थान में सबसे अत्यधिक है। उन्होंने जिले में कृषकों को कृषि आदानों यथा यूरिया, डीएपी आदि खादों की संपूर्ण व्यवस्था मांग उपलब्धता के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। इसके उपरांत उन्होंने कृषि विभाग की मुख्य योजनाएं मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना में डिग्गी, फार्म पॉन्ड, तारबंदी, सिंचाई पाइपलाइन, गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना, कृषि अध्ययन छात्राओं को प्रोत्साहन राशि, खाद्य एंव पोषण सुरक्षा मिशन दलहन एंव राज्य योजना, दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन में बीज मिनीकिट वितरण, अनुदानित बीज वितरण, फसल प्रदर्शन, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, परंपरागत कृषि विकास योजना, कस्टम हायरिंग सेंटर की गत वर्ष की प्रगति से अवगत कराते हुए इस वर्ष की योजनाओं के लक्ष्य एवं क्रियान्वयन की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी।
इसके उपरांत गुण नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा में उन्होंने आदानों के नमूने के लक्ष्ण और विभाग द्वारा गत वर्ष व इस वर्ष की गई विभिन्न कार्यवाही, कालाबाजारी रोक, अनुज्ञा पत्र निलंबन एवं निरस्त के बारे में जानकारी दी। इसके उपरांत उन्होंने फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए किसानों के क्लेम से संबंधी आ रही समस्याओं और किसानों को भुगतान किए गए क्लेम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जिलों के किसानों के दिए गए सुझावों एवं समस्याओं के बारे में अध्यक्ष को अवगत कराया, जिसमें उन्होंने श्रीगंगानगर जिले में नरमा फसल में अनुसंधान की कमी के कारण इसकी नवीनतम ग्लोबल सिफारिशें, पानी की गुणवत्ता, पानी की कमी, कीट प्रकोप के कारण इसके उत्पादन मंे लगातार कमी आ रही है। इस क्षेत्र के समग्र विकास के लिए श्रीगंगानगर में कॉटन उत्कृष्ट केंद्र की स्थापना की जानी चाहिए। फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य के बारे में सुझाव दिए। खण्ड में अत्याधिक रसायनों का दुष्प्रभाव जगजाहिर है, जिसक कारण एक ट्रेन का नाम कैंसर ट्रेन भी आमजन द्वारा रखा गया हैं। जैविक उत्पादों का उत्पादन करने के लिए एक समन्वित नाशीजीव प्रबंधन प्रयोगशाला (आईपीएम प्रयोगशाला) की स्थापना की स्थापना की जानी चाहिए।
उद्यान विभाग की समीक्षा में श्रीमती प्रीति गर्ग, उपनिदेशक उद्यान ने उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित की जाने वाली योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने श्रीगंगानगर जिले में कीन्नू की खेती, गाजर की खेती के बारे में विस्तृत रूप से बताया और उद्यानिकी विभाग की मुख्य योजनाएं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (सूक्ष्म सिंचाई योजना) मंें स्प्रिंकलर (फव्वारा) ड्रिप व मिनि स्पिं्रकलर, पीएम कुसुम परियोजना में सौर उर्जा सयंत्र, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में खजूर पौधरोपण एवं प्रक्रियाधिन योजना कस्टम हायरिंग सेंटर, किन्नू उत्कृष्टता केन्द्र के बारे में जानकारी दी।
श्री प्रणय कुमार, प्लांट मैनेेजर, राजस्थान राज्य बीज निगम ने बीज निगम द्वारा किसानों को अनुदान पर उपलब्ध करवाए जाने वाले बीज के बारे में जानकारी दी उन्होंने प्लांट पर खरीफ व रबी फसलों के लिए उपलब्ध विभिन्न फसलों के बीजों के बारे में जानकारी दी एवं किसानों द्वारा लिए जाने वाले बीज उत्पादन कार्यक्रम की भी जानकारी दी। श्रीमती निरुपमा शर्मा, बीज प्रमाणीकरण अधिकारी श्रीगंगानगर ने राजस्थान राज्य जैविक बीज प्रमाणीकरण संस्था के द्वारा जिले में प्रमाणित बीजों एवं जैविक खेती में प्रमाणीकरण के संबंध में जानकारी दी।
सहकारिता विभाग से श्री दीपक कुक्कड़ ने जिले में सहकारिता विभाग एवं केंद्रीय सहकारी बैंक के बारे में परिचय देते हुए जिले में सहकारिता विभाग द्वारा की जाने वाली गतिविधियों, फसली ऋण, समितियां की स्थापना के बारे में बताया। उन्होंने ग्राम सेवा सहकारी समितियां पर की जाने वाली गतिविधियों यथा कस्टम हायरिंग सेंटर, जन औषधि केंद्र आदि के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।
श्रीमती सीमा चावला, प्रभारी व हेड, कृषि विज्ञान केंद्र पदमपुर ने कृषि विज्ञान केंद्र की प्राथमिकताओं के बारे में बताया एवं केवीके पर होने वाले विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। जिसमें संस्थागत प्रशिक्षण कार्यक्रम, किसान चैपाल कार्यक्रम, प्रसार गतिविधियों के बारे में बताया। उन्होंने खुदरा उर्वरक विक्रेता प्रशिक्षण के कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी गृह वाटिका प्रदर्शन, समूह प्रथम पंक्ति प्रदर्शन, गृह वाटिका प्रदर्शन ग्रामीण महिलाओं के नियोजन के लिए चलाई जाने वाली नई एवं वाटिका कार्यक्रम के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी।
कार्यक्रम में श्री हरबंस सिंह अतिरिक्त निदेशक कृषि विस्तार, उप निदेशक कृषि श्रीमती नीता झाझड़ीया, सहायक निदेशक मुख्यालय श्री जसवंत सिंह बराड,़ कृषि अनुसंधान अधिकारी श्री जगजीत सिंह, कृषि अधिकारी श्री विकास कुमार, श्री सुशील कुमार शर्मा, श्री सुरेंद्र सिंह, श्री राजेंद्र सिंह गिल, श्री योगेश कुमार वर्मा, श्री के सी जाट, श्री सुदेश कुमार, श्री अभिमन्यु गोदारा, श्रीमती कविता स्वामी, श्री राजेंद्र नैन द्वारा भाग लिया गया।
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कृषि एवं संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक किसान आयोग अध्यक्ष श्री सी. आर. चैधरी की अध्यक्षता में संपन्न
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