जैसलमेर । जैसलमेर जिले के नगरपरिषद जैसलमेर में 9 सितम्बर व नगरपालिका पोकरण में 11 सितम्बर को होने वाले चुनाव के लिए नियुक्त पीठासीन अधिकारी एवं मतदान अधिकारी प्रथम का पॉलोटेक्निक महाविद्यालय में मंगलवार को प्रथम प्रशिक्षण आयोजित हुआ।

             जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) अनुपमा जोरवाल ने पीठासीन अधिकारी एवं मतदान अधिकारी प्रथम को निर्देश दिए कि वे राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों की अक्षरशः पालना करते हुए नगरीय निकाय के चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराने में अपनी अहम भूमिका अदा करें।

             उन्होंने कहा कि उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से चुनाव कार्य समयबद्ध पूर्ण करना रहेगी इसलिए दक्ष प्रशिक्षकों द्वारा चुनाव के संबंध में जो प्रशिक्षण दिया जा रहा है उसको गहनता से प्राप्त कर चुनाव कार्यों को सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न करावें।

           उन्होंने कहा कि चुनाव संबंधित गतिविधियों को निर्धारित समय पर संपादित करें। मतदान दिवस पर पीठासीन एवं मतदान अधिकारी अपने व्यवहार को पूर्ण रूप से निष्पक्ष रखें। उन्होंने निर्देश दिए कि वे ईवीएम के प्रायोगिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण को भी गहनता से हासिल कर उसके संचालन में पारंगत हो जाएं ताकि मतदान के दिवस उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएं। उन्होंने मतदान अधिकरियों से कहा कि वे अपने अनुभव का प्रयोग करते हुए शान्तिपूर्ण ढंग से चुनाव सम्पन्न कराएं।

            उप जिला निर्वाचन अधिकारी (एडीएम) परसाराम सैनी ने मतदान के दिवस विशेष ध्यान रखने योग्य बातों की जानकारी देते हुए पीठासीन एवं मतदान अधिकारी प्रथम को निर्देश दिये कि वे आयोग द्वारा दिये गए चुनाव कार्यों, मतदान के दिवस किए जाने वाले कार्यों, भरे जाने वाले सूचना प्रपत्रों की भी जानकारी प्रशिक्षण के दौरान गहनता से प्राप्त कर ले। उन्होंने कहा कि मतदान कक्ष में किसी भी प्रकार की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी न हों यह सुनिश्चित कर लें। साथ ही मतदान के दिवस दोपहर 3 बजे बाद पोलिंग एजेण्ट को भी मतदान से बाहर नहीं जाने दें।

            उन्होंने कहा कि समस्त पीठासीन एवं मतदान अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि मतदान से पूर्व, मतदान के  दिवस जो कार्य करने है, उससे संबंधित प्रशिक्षण को प्राप्त करने के साथ आयोग के निर्देशों की पालना करते हुए कार्य संपादित करें।

            प्रशिक्षण प्रभारी एवं सहायक निदेशक महिला एवं बाल विकास चन्द्रवीर सिंह ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पालना सुनिश्चित करते हुए गंभीरता से प्रशिक्षण प्राप्त करें, ताकि मतदान दिवस को किसी तरह की दिक्कत नहीं आए। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान पीठासीन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारी सभी अनुभवी है एवं अपने अनुभव का उपयोग करते हुए चुनाव के कार्य को सुचारु ढंग से संपन्न करवाएंगे।

            प्रशिक्षण के दौरान दक्ष प्रशिक्षक रामाराम, मुख्तार अली, मिश्री सिंह, नरेन्द्र वासु, विजय बल्लाणी, देउराम ने पॉवरपाईन्ट प्रजेटेशन के माध्यम से पीठासीन अधिकारी एवं मतदान अधिकारी प्रथम को मतदान से पूर्व एवं मतदान दिवस को संपादित किए जाने वाले महत्वपूर्ण कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।

           उन्होनें मतदान अधिकारियों से कहा कि वे चुनाव संबंधित समस्त कार्यों को गंभीरता से कराये। इसमें किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाएं। उन्होंने मतदान के दिवस किए जाने वाले मॉकपोल के बारे में विस्तार से जानकारी दी एवं उनको एजेंटों के समक्ष मतदान के दिवस को वास्तविक मतदान से पूर्व एक घण्टा मॉक पोल कराने की बात कहीं। उन्होंने बताया कि मतदान के दिवस ठीक 7 बजे वास्तविक मतदान शुरू हो जाना चाहिए।

पीठासीन एवं मतदान अधिकारियों ने पाया ईवीएम का प्रायोगिक प्रशिक्षिण प्रशिक्षिण

            पीठासीन अधिकारी एवं मतदान अधिकारियों को दक्ष प्रशिक्षकों गणपत राम, केलाराम, कंवराज सिंह , रावल सिंह, राहुल राठौड, सुरेन्द्र देवपाल, पुरखाराम द्वारा ईवीएम के संबंध में विस्तार से प्रायोगिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने बैलेट एवं कन्ट्रोल यूनिट को जोडने की विधि, सिलिंग प्रक्रिया, स्ट्रीप सील, स्पेशल टेग इत्यादि विविध पहलुओं की उन्हें जानकारी दी एवं उनके हाथों से ईवीएम का संचालन करवाया एवं उनकी शंकाओं का समाधान किया। प्रशिक्षण में पीठासीन एवं प्रथम मतदान अधिकारियों ने अपने हाथों से ईवीएम का संचालन किया एवं पूरी जानकारी प्राप्त की।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने ईवीएम के प्रायोगिक प्रशिक्षण का किया अवलोकन

          जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) अनुपमा जोरवाल एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी(एडीएम) परसाराम सैनी ने पीठासीन एवं मतदान अधिकारी प्रथम को ईवीएम के संचालन के लिए दिये जा रहे प्रायोगिक प्रशिक्षण का भी बारीकी से अवलोकन किया एवं दक्ष प्रशिक्षकों को निर्देश दिये कि वे इनके हाथों से ईवीएम का संचालन करवाकर पूर्ण रूप से परंागत करे ताकि मतदान के दिवस उनको ईवीएम संचालन में किसी भी प्रकार की दिक्कत नही आये।