स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उदयपुर के अंतरराष्ट्रीय शिल्पी, 211 विश्व रिकॉर्ड होल्डर प्रोफेसर डॉक्टर इक़बाल सक्का ने एक बार फिर अपनी कला से देश का नाम रोशन किया है।

डॉ. सक्का ने केवल 1 सेंटीमीटर आकार के तिरंगे झंडे को चांदी पर तैयार किया है। इस तिरंगे झंडे को लेंस से ही देखा जा सकता है। इसे बनाने के लिए उन्होंने राई के दाने से भी छोटी कटिंग कर चांदी पर ओम, अरबी में "अल्लाह", सिखों का "खंडा" और ईसाइयों का "क्रॉस" उकेरा है। इन चारों धार्मिक प्रतीकों से बना तिरंगा झंडा कौमी एकता और विश्व शांति का संदेश देता है।

डॉ. सक्का का कहना है कि जिस तरह भारत में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई ,मिलजुल कर रहते हैं, उसी तरह पूरी दुनिया को भी प्रेम और भाईचारे के साथ रहना चाहिए। इसी पैगाम को उन्होंने इस कलाकृति के माध्यम से दुनिया तक पहुंचाया है।

इस अनमोल कलाकृति को बनाने में 1 ग्राम चांदी और 1 ग्राम तांबे का उपयोग हुआ है। इसे तैयार करने में लगभग 36 घंटे का समय लगा है।

डॉ. सक्का ने इस तिरंगे को स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर को भेंट करने की इच्छा जताई है। इसके लिए उन्होंने पत्र द्वारा न्यायालय से संपर्क भी किया है।