उदयपुर। गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में 7 वर्षीय बालक में रेक्टल प्रोलैप्स (मल त्याग के दौरान मलाशय का बाहर आ जाना) का सफल उपचार एक नई एवं न्यूनतम इनवेसिव तकनीक से किया गया। यह प्रक्रिया उदयपुर में पहली बार ट्रांसएनल रेक्टल स्यूचर रेक्टोपेक्सी तकनीक से की गई।

जानकारी के अनुसार, 7 वर्षीय बालक को मल त्याग के समय बार-बार आंत/मलाशय के बाहर निकलने की शिकायत थी। बाहर निकला हुआ हिस्सा बच्चा स्वयं हाथ से वापस अंदर कर लेता था। इसके साथ ही बच्चे को समय-समय पर कब्ज की भी समस्या रहती थी। जांच एवं आवश्यक परीक्षणों के बाद चिकित्सकों ने बच्चे में रेक्टल प्रोलैप्स का निदान किया।

गीतांजलि मेडिकल कॉलेज में जनरल सर्जन एवं प्रोफेसर डॉ. मोहित कुमार बड़गुर्जर तथा पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. अजीत कुमार विद्यार्थी की टीम द्वारा ट्रांसएनल रेक्टल स्यूचर रेक्टोपेक्सी की गई। इस तकनीक में पेट पर कोई चीरा लगाए बिना प्राकृतिक मार्ग से ऑपरेशन किया जाता है।

चिकित्सकों के अनुसार, यह एक न्यूनतम इनवेसिव तकनीक है, जिसमें बाहरी तौर पर कोई सर्जिकल निशान नहीं