जैसलमेर । पश्चिमी राजस्थान के सुप्रसिद्ध आस्था एवं श्रद्धा के केंद्र रामदेवरा में बाबा रामदेव मेला-2026 आगामी भादवा शुक्ल पक्ष की द्वितीया, 13 सितम्बर से विधिवत् प्रारंभ होगा तथा भादवा शुक्ल एकादशी तक चलेगा। मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

मेले की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद एवं श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को संभागीय आयुक्त जोधपुर कन्हैया लाल स्वामी ने मेला व्यवस्थाओं से जुड़े विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों एवं बाबा रामदेव मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने विभागवार तैयारियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा मेले के दौरान आपसी समन्वय एवं तत्परता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वाेच्च प्राथमिकता संभागीय आयुक्त कन्हैया लाल स्वामी ने कहा कि बाबा रामदेव की पावन धरा पर देशभर से लाखों श्रद्धालु आस्था के साथ पहुंचते हैं।

ऐसे में प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।

उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने दायित्वों को पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ निभाएं तथा ऐसा वातावरण तैयार करें कि श्रद्धालु रामदेवरा से सुनहरी स्मृतियां और यादगार अनुभव लेकर लौटें।

उन्होंने ग्राम पंचायत, मंदिर समिति, पुलिस, चिकित्सा, विद्युत, जलदाय, सार्वजनिक निर्माण, परिवहन, रोडवेज, एनएचएआई सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

रामसरोवर तालाब पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम संभागीय आयुक्त ने रामसरोवर तालाब की व्यवस्थाओं की विशेष समीक्षा करते हुए सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि तालाब पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग एवं सुरक्षा के समुचित प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।

पानी से लबालब भरे रामसरोवर में किसी प्रकार की डूबने की घटना नहीं हो, इसके लिए हर समय पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित एवं कुशल तैराकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने महिलाओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रामसरोवर पर महिलाओं के लिए टेंट तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए।

सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर उन्होंने ग्राम पंचायत एवं मंदिर समिति को पूरे मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को उच्च स्तर पर बनाए रखने के निर्देश दिए। मेला स्थल, प्रमुख मार्गों, श्रद्धालु आवागमन क्षेत्रों एवं सार्वजनिक स्थलों पर नियमित सफाई, कचरा संग्रहण एवं निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

साथ ही पॉलीथिन, गुटखा एवं अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की बिक्री एवं उपयोग की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

विद्युत व्यवस्था रहे निर्बाध संभागीय आयुक्त ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को मेला क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के साथ ही ढीले एवं झूलते विद्युत तारों को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने मेला अवधि के दौरान विद्युत आपूर्ति में व्यवधान की स्थिति में त्वरित समाधान के लिए पर्याप्त कार्मिक एवं संसाधन उपलब्ध रखने को कहा।

सड़कों की तत्काल मरम्मत के निर्देश श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए संभागीय आयुक्त ने सार्वजनिक निर्माण विभाग को मेला मार्गों एवं अन्य प्रमुख सड़कों का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त सड़कों की समय रहते आवश्यक मरम्मत करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेला शुरू होने से पूर्व आवागमन से जुड़ी सभी प्रमुख व्यवस्थाएं पूर्ण रूप से दुरुस्त होनी चाहिए।

स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता जलदाय विभाग को मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ एवं मीठे पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने पर्याप्त संख्या में टोंटी लगे पेयजल टैंकरों की व्यवस्था करने तथा प्रमुख मार्गों एवं श्रद्धालु आवागमन वाले क्षेत्रों में अधिकाधिक सार्वजनिक नल लगाने को कहा।

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के निर्देश संभागीय आयुक्त ने चिकित्सा विभाग को मेले के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ की ड्यूटी लगाने, अधिकाधिक स्वास्थ्य चौकियां स्थापित करने एवं पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने श्रद्धालुओं को निःशुल्क जांच एवं निःशुल्क दवा योजना का समुचित लाभ सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। साथ ही मेले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य निरीक्षक एवं टीम की समुचित व्यवस्था कर नियमित रूप से खाद्य पदार्थों के नमूने लेने एवं उनकी जांच करवाने को कहा।

अवैध एवं ओवरलोड वाहनों पर रहेगी कड़ी निगरानी परिवहन विभाग को मेले के दौरान अवैध एवं ओवरलोड वाहनों के संचालन पर कड़ी निगरानी रखने तथा वाहन चेकिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने राजस्थान रोडवेज के अधिकारियों को श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था रखने तथा पोकरण से रामदेवरा के बीच पर्याप्त संख्या में शटल बसों का संचालन सुनिश्चित करने को कहा।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा के विशेष प्रबंध राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को मेला अवधि में श्रद्धालुओं एवं वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने रिफ्लेक्टर, रेडियम, जाम की स्थिति में त्वरित यातायात प्रबंधन तथा दुर्घटनाग्रस्त अथवा खराब वाहनों को हटाने के लिए क्रेन व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक इंतजाम करने को कहा।

शराब की दुकानों को एक किलोमीटर परिधि से बाहर रखने के निर्देश संभागीय आयुक्त ने आबकारी विभाग को मेला स्थल की एक किलोमीटर की परिधि में शराब की दुकानों को हटाने संबंधी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं मेला समिति को बैरिकेडिंग को मजबूत एवं सुरक्षित रखने तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप प्रवेश एवं निकास व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।

जिला कलक्टर ने दी तैयारियों की जानकारी जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने संभागीय आयुक्त को मेला व्यवस्थाओं की तैयारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा अब तक की गई तैयारियों, आगामी कार्ययोजना एवं आवश्यक व्यवस्थाओं से अवगत करवाया तथा मेले को सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे समन्वित प्रयासों की जानकारी दी।

बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी यथार्थ शेखर, जिला उपखंड एवं मेलाधिकारी हीर सिंह चारण, एडीएम भणियाणा गोपीकृष्ण पालीवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पोकरण वीरेंद्र सिंह, सहायक निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क प्रवीण प्रकाश चौहान, उपअधीक्षक पुलिस पोकरण कैलाश कंवर, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरपत सिंह हरसानी, अधीक्षण अभियंता विद्युत भैराराम चौधरी, विकास अधिकारी पोकरण मनवीर सिंह बेनीवाल, तहसीलदार पोकरण प्रीतम सिंह,रामदेवरा सरपंच समंदर सिंह तंवर, उपसंरपच खींव सिंह, बाबा रामदेव मेला समिति के मुख्य पुजारी कमल छंगाणी एवं अन्य पदाधिकारी, व्यापार मण्डल के प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।