श्रीगंगानगर, 15 सितंबर। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की कमी दूर करने और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने का काम जल्द शुरू होगा और वह दिन दूर नहीं जब यहां से वंदे भारत जैसी ट्रेन पटरी पर दौड़ती नज़र आएगी।जेडआरयूसीसी सदस्य भीम शर्मा ने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर रेल मंडल द्वारा तैयार प्रोजेक्ट को रेल मंत्रालय ने हरी झंडी देते हुए इसके लिए 174.26 करोड़ रुपए की मंजूरी दी थी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री निहालचंद के कार्यकाल में तैयार कर भेजा गया था।
इलाके की रेल सुविधाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहण की जाने वाली भूमि के लिए ज़िला कलक्टर डॉ. अमित यादव ने उपखंड अधिकारी श्री नयन गौतम को सक्षम भूमि अवाप्ति अधिकारी नियुक्त कर दिया है।
इस प्रक्रिया के अंतर्गत 2,61,750 वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण होगा।
पीएम गतिशक्ति की बीकानेर रेल मंडल की टीम की देखरेख में “विशेष रेल परियोजना” में नामित इस परियोजना का कार्य संपन्न होगा।उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन ने बताया कि रेलवे की योजना अनुसार यह परियोजना आधुनिक रोलिंग स्टॉक, जिसमें एलएचबी और वंदे भारत ट्रेनें शामिल हैं, के रखरखाव बुनियादी ढांचे को उन्नत और विकसित करने की व्यापक पहल का हिस्सा है।
वर्तमान में, मौजूदा सुविधाएं मौजूदा परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करती हैं, लेकिन आधुनिक रेकों और नई सेवाओं की बढ़ती शुरुआत के साथ, उन्नत बुनियादी ढांचे की आवश्यकता हो गई है।
स्वीकृत कार्यों में दो 600 मीटर लंबी वाशिंग लाइन, तीन 650 मीटर लंबी स्टेबलिंग लाइन, दो पिट लाइन, एक व्हील लेथ लाइन और एक 650 मीटर लंबी इंजन एस्केप लाइन का निर्माण शामिल है।
120 मीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा एक बीमार लाइन शेड (सीक लाइन) भी विकसित किया जाएगा।इसके अतिरिक्त, वाशिंग लाइन पर पारंपरिक ओवरहेड उपकरण (ओएचई) के साथ-साथ सिंक्रोनाइज्ड जैक, फोर्कलिफ्ट, इलेक्ट्रिक ओवरहेड ट्रैवलिंग (ईओटी) क्रेन और स्वचालित कोच वाशिंग प्लांट जैसी आधुनिक मशीनरी और संयंत्र भी लगाए जाएंगे।
परियोजना के चालू होने पर, इससे प्रतिदिन औसतन छह रेक की रखरखाव क्षमता में वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे परिचालन दक्षता में सुधार होगा, रेक की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित होगी और क्षेत्र में अतिरिक्त ट्रेन सेवाएं शुरू की जा सकेंगी।