भीलवाड़ा, राजस्थान: संगम यूनिवर्सिटी स्थित संगम आई-टीबीआई में उद्भवन 3.0–2026 के तहत कोहोर्ट 2.0 का दो दिवसीय कार्यक्रम 20 और 21 अगस्त को सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा नवप्रवर्तकों और उभरते उद्यमियों को अपने स्टार्टअप विचार प्रस्तुत करने, विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने तथा उद्यमिता और व्यवसाय विस्तार की संभावनाओं को समझने के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराना था।

कार्यक्रम संयोजक एवं परियोजना प्रमुख डॉ. मनोज कुमावत ने बताया कि कोहोर्ट 2.0 के लिए देश के विभिन्न राज्यों से कुल 106 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें नई दिल्ली, बिहार, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान के नवप्रवर्तक शामिल थे। पात्रता जांच और आंतरिक मूल्यांकन के बाद 16 स्टार्टअप्स का चयन प्रस्तुतीकरण एवं संवाद सत्र के लिए किया गया। चयन प्रक्रिया में आवेदन आमंत्रण, स्क्रीनिंग, आंतरिक मूल्यांकन, स्टार्टअप प्रस्तुतीकरण, विशेषज्ञ संवाद तथा प्रदर्शन के आधार पर अंतिम अनुशंसा शामिल रही।

संगम आई-टीबीआई के कुलपति एवं अध्यक्ष डॉ. करुणेश सक्सेना ने नवाचार और उद्यमिता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के वैज्ञानिक श्री प्रवीण रॉय और डॉ. सी.एस. यादव के सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।

21 अगस्त को विशेष प्रोटोटाइप प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने विकसित प्रोटोटाइप और अभिनव समाधानों का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी का अवलोकन संगम यूनिवर्सिटी प्रबंधन मंडल की सदस्य पलक मोदीनी के साथ विश्वविद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने किया।

कार्यक्रम के पहले दिन मनोमय टेक्सटाइल की निदेशक श्रीमती पल्लवी लड्डा और ज़िक्कू की निदेशक डॉ. प्रियंका मेहता ने बाहरी निर्णायक सदस्यों के रूप में स्टार्टअप्स का मूल्यांकन किया। मूल्यांकन में नवाचार, समस्या की पहचान, समाधान की उपयोगिता, बाजार क्षमता, व्यवहार्यता और विस्तार की संभावनाओं को प्रमुख आधार बनाया गया।

आईआईएफटी के निदेशक प्रो. राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय विपणन, ब्रांडिंग, वैश्विक बाजार और व्यवसाय विस्तार के अवसरों पर विशेषज्ञ सत्र लिया। उन्होंने प्रतिभागियों को अपने स्टार्टअप को स्थानीय स्तर से वैश्विक बाजार तक ले जाने के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी।

दूसरे दिन एबिलिटी एडवोकेसी के सह-संस्थापक श्री रित्विक जोशी और स्टार्टअप विशेषज्ञ श्री गौरव बदाला ने स्टार्टअप विचारों का मूल्यांकन किया और प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण सुझाव दिए। संगम इंडिया लिमिटेड के मुख्य परिचालन अधिकारी श्री गौरव चौधरी ने स्थानीय स्तर से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक व्यवसाय के विस्तार की रणनीतियों पर मार्गदर्शन प्रदान किया।

संगम आई-टीबीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री राजस्व कौशिक ने बताया कि कोहोर्ट 2.0 में जालसेंट्रिक्स के संस्थापक गौरव कंठालिया विजेता रहे। उन्हें ₹10,000 का पुरस्कार प्रदान किया गया। यथार्था लैब्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक हर्षित तिवारी ने दूसरा स्थान प्राप्त किया और उन्हें ₹3,000 का पुरस्कार दिया गया। स्मोका प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक मानस डागा और विशाल मुंद्रा ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया।

संगम यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. आलोक कुमार ने सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कार्यक्रम में उनकी उत्साहपूर्ण सहभागिता की सराहना की।

कार्यक्रम की सफलता में संगम आई-टीबीआई टीम की अनन्या बाबेल, निकिता राठौड़ और निशांत पारीक सहित मार्गदर्शकों, शिक्षकों, निर्णायकों तथा संगम यूनिवर्सिटी प्रशासन का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

संगम आई-टीबीआई अपने संकल्प “दूरदर्शी उद्यमियों को सशक्त, पोषित और गति प्रदान करना” के तहत नवप्रवर्तकों को प्रभावशाली एवं टिकाऊ उद्यम विकसित करने के अवसर प्रदान करता रहेगा। संस्था का उद्देश्य नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देते हुए विकसित भारत @2047 के दृष्टिकोण में सार्थक योगदान देना है।