जैसलमेर । हरियालो राजस्थान अभियान के अन्तर्गत 77 वाँ जिला स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम वन विभाग, जिला प्रशासन एवं सीमा सुरक्षा बल सैक्टर साउथ के संयुक्त तत्वाधान मे श्बीएसएफ सैक्टर मुख्यालय डाबला जैसलमेर में हर्षाेल्लास के साथ आयोजित किया गया।

जैसलमेर जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने जिला स्तरीय वन महोत्सव समारोह को संबोधित करते हुये कहा कि प्रदेश स्वच्छ, सुन्दर, हरा-भरा बने उसी थीम को ध्यान में रखते हुये वन महोत्सव का आयोजन करने के लिये अधिक से अधिक पौधारोपण करना हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के हरियालों राजस्थान की मुहिम को साकार करने के लिये प्रत्येक परिवार के हर सदस्य को एक पौधा लगाकर अपनी भागीदारी निभानी है ताकि राजस्थान एवं मरू प्रदेश जैसलमेर हमेशा-हमेशा के लिये हरा-भरा बने।

जिला स्तरीय वन महोत्सव के दौरान उप महानिरीक्षक सीमा सुरक्षा बल सैक्टर मुख्यायल साउथ एम.के.नेगी, उप वन संरक्षक कुमार शुभम, उप वन संरक्षक वन्यजीव चन्द्रपालसिंह चौहान एवं उप वन संरक्षक इगांनप. स्टैजना एवं देवेन्द्र सिंह भाटी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

पंचवटी की स्थापना, अतिथियों ने लगाये पांच पौधे जिला स्तरीय वन महोत्सव के दौरान पंचवटी की स्थापना कर पीपल का पूजन किया गया एवं पीपल, बेलपत्र, आंवला, अशोक बरगद का पौधा लगाकर, जिला स्तरीय वन महोत्सव का आगाज किया।

साइनेज एवं डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से विभागीय कार्यशैली एवं उपलब्धियों का प्रदर्शन वन-विभाग द्वारा किए जा रहे वन संरक्षण, पौधारोपण, वन्यजीव संरक्षण एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को साईनेज, प्रदर्शनी एवं डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।

इस पहल के माध्यम से विभाग की कार्यप्रणाली, नवाचारों एवं प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी आमजन एवं अतिथियों तक पहुँचाई गई।

विद्यार्थियों द्वारा पर्यावरण जागरूकता प्रस्तुति विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति संवर्धन पर आधारित लघु नाटक एवं गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी गई।

प्रस्तुति के माध्यम से पौधारोपण, वन एवं वन्यजीव संरक्षण तथा पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता का प्रभावी संदेश दिया गया।

मियावाकी पद्धति से भारत के मानचित्र पर तिरंगा थीम में पौधारोपण जिला स्तरीय वन महोत्सव के दौरान भारत के मानचित्र की आकृति में मियावाकी पद्धति से तिरंगा थीम पर सघन पौधारोपण किया गया।

मानचित्र को तिरंगे के रंगों के अनुरूप केसरिया रंग हेतु रोहिड़ा, सफेद रंग हेतु चांगा तथा हरे रंग हेतु जाल, खेजड़ी एवं नीम जैसे पौधों से तैयार किया गया है, जो आगे चलकर भारत के मानचित्र एवं तिरंगे की सुंदर आकृति के रूप में प्रदर्शित होगा।

इस पहल का उद्देश्य देश के प्रत्येक राज्य एवं जिले को हरित एवं पर्यावरणीय रूप से समृद्ध बनाने तथा देशप्रेम का संदेश जन-जन तक पहुँचाना हैं।

समारोह में उप महानिरीक्षक सीमा सुरक्षा बल एम. के. नेगी ने सभी अतिथियों का आभार जताया एवं जिला स्तरीय वन महोत्सव का चयन डाबला सेक्टर मुख्यालय पर करने के लिये वन विभाग एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल वन महोत्सव के साथ ही पूरे सीजन में अधिक से अधिक पौधे लगायेंगे एवं इनका पूरा संरक्षण करेंगे।

वन महोत्सव के अवसर पर वण्डर सीमेंट कम्पनी द्वारा वन्यजीवों की सुरक्षा के मद्देनजर एक बोलेरो रेस्क्यू वाहन वन विभाग को भेट किया गया।

अतिथियों का किया स्वागत उप वन संरक्षक कुमार शुभम ने वन महोत्सव के जिला स्तरीय कार्यक्रम में अतिथियों का हार्दिक स्वागत करते हुये कहा कि इस बार हरियालो राजस्थान कार्यकम में जैसलमेर जिले को इस सीजन में 47 लाख पौध लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने वन महोत्सव के माध्यम से आमजन को संदेश दिया कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाकर इस जिले को हरा-भरा बनाये वन महोत्सव के दौरान अतिथियों का वन विभाग के अधिकारियों ने पौधा प्रदान कर हार्दिक अभिनंदन किया।

वन महोत्सव के अवसर पर जिला स्तरीय अधिकारी, सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी व जवान, मातृशक्ति, पी.एम. श्री केन्द्रीय विद्यालय के विधार्थी एवं शिक्षगण तथा अच्छी संख्या में गणमान्य नागरीक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन उद्घोषक प्रीति भाटिया ने किया।