उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के कॉलेज ऑफ कम्युनिटी एंड एप्लाइड साइंसेज (CCAS) के परिधान एवं वस्त्र विज्ञान विभाग द्वारा 20 एवं 21 अगस्त 2026 को दो दिवसीय राखी निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में लगभग 50 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, हस्तकौशल, डिजाइनिंग कौशल एवं उद्यमिता की भावना को विकसित करना था। विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार की आकर्षक एवं रचनात्मक राखियां बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस अवसर पर कॉलेज की अधिष्ठाता डॉ. सरला लखावत ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई राखियों का अवलोकन किया तथा उनके रचनात्मक कार्य और उत्साह की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की कौशल आधारित गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सृजनात्मकता एवं उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देती हैं।

विभागाध्यक्ष डॉ. रूपल बाबेल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में विशेषज्ञ के रूप में डॉ. रूपाली राजवंशी एवं डॉ. मीनाक्षी मिश्रा ने विद्यार्थियों को राखी निर्माण की विभिन्न तकनीकों, डिजाइन चयन, रंग संयोजन, सजावटी सामग्री के उपयोग तथा आकर्षक फिनिशिंग का प्रशिक्षण दिया।

विद्यार्थियों ने रंग-बिरंगे धागों, मोतियों, रिबन, सजावटी सामग्री एवं विभिन्न वस्त्र सामग्रियों का उपयोग करते हुए सुंदर एवं नवीन डिजाइनों की राखियां तैयार कीं। कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को रचनात्मक कौशल के साथ-साथ स्वरोजगार एवं लघु उद्यम के अवसरों के बारे में भी जागरूक किया गया।

विभागाध्यक्ष डॉ. रूपल बाबेल ने बताया कि ऐसी कार्यशालाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल तकनीकी प्रशिक्षण देना ही नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर एवं उद्यमशील बनाने के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल प्रदान करना भी है। यह कार्यशाला विद्यार्थियों में रचनात्मकता, कौशल, आत्मनिर्भरता एवं उद्यमिता के विकास की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुई।