जैसलमेर। राजस्थान को हरित प्रदेश के रूप में विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत हरियालों राजस्थान को साकार करने के लिए विभागवार वृक्षारोपण का लक्ष्य आंवटित किया गया है।

जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने हरियालों राजस्थान कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये िकवे उनके विभाग को आंवटित वृक्षारोपण के लक्ष्यों की पूर्ति शीघ्र ही करवाना सुनिश्चित करे।

उन्होनें इस कार्यक्रम को प्राथमिकता देते हुए सख्त निर्देश दिये कि पौधारोपण के कार्यक्रम में किसी प्रकार की शिथिलता नही बरतें एवं जहां तक हो सके अगस्त माह के अंत तक एवं 15 सितम्बर तक अनिवार्य रूप से वृक्षारोपण करवाना सुनिश्चित कर ले।

जिला कलेक्टर जोरवाल ने मंगलवार को जिला कलेक्ट्री सभाकक्ष में आयोजित हरियालों राजस्थान जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक में यह निर्देश दिये।

बैठक में उपवन संरक्षक कुमार शुभम, सचिव नगर विकास न्यास सुखराम पिण्डेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र सिंह के साथ ही विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

जिला कलेक्टर ने वृक्षारोपण कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की तो पाया गया कि विभागों द्वारा अभी तक लक्ष्य के विरूद्व कम वृक्षारोपण किया गया है तो उन्होनें इस संबंध में सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे वन विभागों की नर्सरी से पौधे प्राप्त कर लक्ष्य अनुरूप पौधारोपण करवाना सुनिश्चित कर ले।

उन्होेनंे जैसलमेर को हराभरा बनाने के लिए सभी अधिकारियों को वृक्षारोपण कार्य में विशेष रूचि दिखाकर सफल प्रयास करने के निर्देश दिये।

उपवन संरक्षक शुभम ने हरियालों राजस्थान कार्यक्रम के तहत वर्ष 2026-27 के लिए विभागवार आवंटित लक्ष्यों की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल 46 लाख 95 हजार पौधारोपण करने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंनें विभागीय अधिकारियों से कहा िकवे कार्य योजना बनाकर हर हाल में लक्ष्य के अनुसार पौधारोपण 30 सितम्बर तक करवाना सुनिश्चित कर विभागीय लक्ष्यों को प्राप्त करे।

उन्होंनें इस कार्य को गंभीरता के साथ करवाने पर जोर दियां। उन्होनंें बैठक में विभागवार लक्ष्यों एवं अब तक किये गए पौधारोपण की विस्तार से जानकारी दी।

उन्होनें पौधारोपण का जियोटैगिग अनिवार्य रूप से कराने की आवयश्कता जताई एवं बताया कि इसमें किसी प्रकार की जानकारी चाहिए तो वे वन विभाग से सम्पर्क कर सकते है।