GMCH STORIES

गुलाबगंज रात्रि चैपाल में उठा गुलाबगंज माउंट आबू की अधूरी सड़क का मामला

( Read 669 Times)

12 May 26
Share |
Print This Page
गुलाबगंज रात्रि चैपाल में उठा गुलाबगंज माउंट आबू की अधूरी सड़क का मामला


सिरोही।  सिरोही जिला विकास परिषद के सचिव महावीर जैन ने गुलाबगंज रात्रि चैपाल में पहुंच कर सिरोही जिले के प्रभारी मंत्री के के विश्नोई को बताया कि भारत सरकार ने राज्य सरकार के अनुरोध पर 50 वर्षों से अधूरी पड़ी गुलाबगंज से माउंट आबू की 23 किमी. सड़क को नए रूप में निर्माण करने के लिए 225 करोड़ रुपए की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जिस पर सार्वजनिक निर्माण विभाग ने डीपीआर बनाने के लिए टेंडर आमंत्रित किए हैं। टेंडर स्वीकृत नहीं होने से इसकी डीपीआर बनाने के वर्क आर्डर का काम राज्य स्तर पर रुका हुआ हैं। इस बारे में जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने प्रभारी मंत्री को बताया कि वे चैपाल के बाद इस अधूरी पडी सड़क का मौका देखेंगे। प्रभारी मंत्री ने कहा कि संत महात्माओं के आग्रह एवं जनभावनाओं के आधार पर जिस तरह डबल इंजन सरकार में माउंट आबू का नाम बदलकर ’’ आबूराज ’’ किया गया है उसी तरह इस अधूरी पड़ी सड़क को भी बीजेपी सरकार में पूरा करवाया जाएगा। माउंट आबू के लिए वैकल्पिक सड़क मार्ग की आज आवश्यकता ओर उपयोगिता हे इसलिए सरकार इसके निर्माण के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
जैन ने प्रभारी मंत्री को एक लिखित ज्ञापन भी दिया जिसमें इस 23 किमी. सड़क की पूरी जानकारी देते हुऐ बताया कि पहले से यह सड़क ग्रेवल सड़क के रूप में अकाल राहत योजना में सार्वजनिक निर्माण विभाग ने बनाई जो जीपेबल बनी थी। उसके बाद 6 किमी. ग्रेवल सडक पर डामरीकरण किया गया।  यह बताया गया हे कि डीपीआर बनाने के बाद ही यह मामला वन विभाग की ओर से भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेजा जायेगा। इस 23 किमी. सडक मार्ग पर कोई घना जंगल नही हैं केवल झाडियां हैं। ज्ञापन की प्रति मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी दी गई हे ओर कहा गया कि यह सड़क सिरोही जिले के लिए मील का पत्थर साबित होगी और ’’ मोदी हैं तो मुमकिन है ’’ के विश्वास के तहत यह सड़क बन सकेगी। ज्ञापन में यह भी बताया कि इस सड़क का निर्माण नई तकनीक से पुल आधारित बनने से वन्य जीव वन क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से सडक के नीचे विचरण कर सकेंगे। अनेक अभ्यारण्यों में इस तरह से सड़के बनानी की मंजूरी वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने दी है। यह सड़क बनने से सिरोही की माउण्ट आबू की दूरी जो वर्तमान में 100 किमी हे वो घटकर मात्र 55 किमी हो जाएगी जिससे डीजल, पेट्रोल एवं समय की बारी बचत होगी और यह माउंट आबू सीधा दिल्ली-कांडला हाईवे फोरलेन से जुड़ जाएगा और यह एक मजबूत वैकल्पिक सड़क मार्ग साबित होगा। इस मौके पर जिला कलेक्टर रोहिताशव सिंह तोमर, पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्रसिंह राठौड, उपखंड अधिकारी राजन लोहिया, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता रमेश कुमार बराड, अधिशाषी अभियंता देवासी, भाजपा जिला अध्यक्ष डा. रक्षा भंडारी, जिला परिषद प्रमुख अर्जुनराम पुरोहित एवं सीईओ प्रकाशचंद अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं जिला अधिकारी उपस्थित थें। चैपाल समाप्त होने पर जिला कलेक्टर ने रात्रि में इस सडक मार्ग का अवलोकन कर इस संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

 


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like