उदयपुर: पारस हेल्थ उदयपुर ने रैफल्स उदयपुर के साथ मिलकर विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर निवारक स्वास्थ्य देखभाल और सामुदायिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए एक 'हेल्थ टॉक' का आयोजन किया। इस हेल्थ टॉक को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य रोकथाम, बीमारी की जल्दी पहचान और सम्पूर्ण सेहत की देखभाल के बारे में जागरूकता फैलाना था। इसमें तीन महत्वपूर्ण, लेकिन अक्सर नज़रअंदाज़ किए जाने वाले समस्याओं जैसे कि गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, फेफड़ों का स्वास्थ्य और ओरल हेल्थ (मौखिक स्वास्थ्य) पर खास करके ध्यान दिया गया। स्वास्थ्य के ये तीनों पहलू जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यह हेल्थ टॉक पारस हेल्थ उदयपुर के डॉक्टरों द्वारा आयोजित की गई थी। इसमें डॉ. मानसी वदगामा (कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजी), डॉ. श्रद्धा शर्मा (सीनियर कंसलटेंट गैस्ट्रोएंटरोलॉजी), और डॉ. अदिति बाली (पेडोडोंटिस्ट) शामिल थीं। इन्होंने बीमारी के शुरुआती लक्षणों, जोखिम कारकों, बचाव के लिए की जाने वाली जांचों (स्क्रीनिंग), और लाइफस्टाइल में उन बदलावों के बारे में बात की, जो क्रोनिक बीमारियों को रोकने या उन्हें नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। हर साल मनाए जाने वाले 'विश्व स्वास्थ्य दिवस' का उद्देश्य स्वस्थ समाज के निर्माण के महत्व को उजागर करना है। इस हेल्थ टॉक का मुख्य ज़ोर इस बात पर था कि जागरूकता, नियमित स्वास्थ्य जांच और सही समय पर मिलने वाला इलाज, बीमारियों का जल्दी पता लगाने और बेहतर स्वास्थ्य परिणाम पाने में किस तरह से मददगार साबित हो सकते हैं।
इस पहल के बारे में बताते हुए पारस हेल्थ उदयपुर के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ प्रसून कुमार ने कहा, "हम अपने रोजमर्रा के चिकित्सीय कामों के दौरान अक्सर देखते हैं कि मरीज हॉस्पिटल में तब आते हैं जब उनकी बीमारी एडवांस्ड स्टेज में पहुँच चुकी होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वे लक्षणों को नज़रअंदाज करते हैं या उन्हें गंभीरता से नहीं लेते हैं। पेट, सांस और मुंह से जुड़ी कई स्वास्थ्य समस्याएं धीरे-धीरे पनपती हैं और शुरुआती चरणों में उनका पता नहीं चल पाता है। इस तरह की 'सामुदायिक स्वास्थ्य चर्चाओं' (कम्युनिटी हेल्थ टॉक) के माध्यम से हमारा उद्देश्य लोगों को बीमारी के शुरुआती चेतावनी संकेतों के बारे में ज्यादा जागरूक होने, समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने और निवारक स्वास्थ्य जांच व स्क्रीनिंग के महत्व को समझने के लिए प्रेरित करना है।"
पारस हेल्थ नियमित स्वास्थ्य चर्चाओं, जागरूकता पहलों और निवारक स्क्रीनिंग कार्यक्रमों के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बीमारी की जल्दी पहचान, समय पर इलाज और स्वस्थ समाज को बढ़ावा देना है।