स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड साइंसेज़, सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय, उदयपुर द्वारा शिक्षकों की उभरती हुई कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) तकनीकों तथा उनके शैक्षणिक अनुप्रयोगों की समझ को सुदृढ़ करने हेतु “शिक्षकों के लिए जनरेटिव एआई” विषय पर दो दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का सफल आयोजन किया गया। इस एफडीपी में कॉर्पोरेट ट्रेनर एवं माइक्रोसॉफ्ट तथा गूगल के अधिकृत लर्निंग पार्टनर श्री मोहित गुप्ता ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में सहभागिता की।

अपने उद्घाटन संबोधन में माननीय अध्यक्ष डॉ. संजय सिन्हा ने शिक्षकों के लिए तीव्र गति से विकसित हो रही तकनीकों, विशेष रूप से जनरेटिव एआई, से अद्यतन रहने की आवश्यकता पर बल दिया तथा शिक्षकों के सतत् विकास और उन्नयन के लिए नियमित फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित करने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने शिक्षकों को शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में एआई आधारित उपकरणों का जिम्मेदारी एवं नैतिकता के साथ उपयोग करने हेतु प्रेरित किया, जिससे नवाचार, शैक्षणिक उत्कृष्टता और भविष्य उन्मुख शिक्षा को बढ़ावा मिल सके।
संवादात्मक एवं व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से विशेषज्ञ श्री मोहित गुप्ता ने प्रतिभागियों को विभिन्न जनरेटिव एआई टूल्स से परिचित कराया तथा शैक्षणिक सामग्री निर्माण, रचनात्मकता, उत्पादकता, मार्केटिंग, मानव संसाधन और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में उनके परिवर्तनकारी अनुप्रयोगों का प्रदर्शन किया। उन्होंने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नैतिक और जिम्मेदार उपयोग पर भी विशेष जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान संकाय सदस्यों ने व्यावहारिक अभ्यास आधारित गतिविधियों, प्रत्यक्ष प्रदर्शनों और संवादात्मक चर्चाओं में सक्रिय सहभागिता निभाई।
एफडीपी का समापन संकाय टीमों के मध्य आयोजित एक कार्य-आधारित प्रतियोगिता के साथ हुआ, जिसमें सहयोगात्मक अधिगम और जनरेटिव एआई टूल्स के व्यावहारिक उपयोग का उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला। इस एफडीपी का समन्वयन कंप्यूटिंग एंड इंफॉर्मेटिक्स विभाग के श्री दीपेश वाया द्वारा, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड साइंसेज़ के डीन प्रो. (डॉ.) अमित गोयल तथा कंप्यूटिंग एंड इंफॉर्मेटिक्स विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) आनंद ए. भास्कर के मार्गदर्शन में किया गया।