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मेड़ता पीठाधीश्वर ने श्री पीताम्बरा आश्रम का अवलोकन किया

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12 Mar 26
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मेड़ता पीठाधीश्वर ने श्री पीताम्बरा आश्रम का अवलोकन किया

बाँसवाड़ा | आध्यात्मिक चिन्तक एवं रामस्नेही सम्प्रदाय के मेड़ता पीठाधीश्वर संत श्री रामकिशोर जी महाराज ने धर्म-अध्यात्म और सनातन संस्कृति की परम्पराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सामूहिक एवं समर्पित प्रयासों पर बल दिया है और कहा है कि इस दिशा में हरसंभव सहभागिता से आगे आना वर्तमान समय की सर्वोपरि आवश्यकता है। तभी आध्यात्मिक पुनर्जागरण के संकल्पों को शीघ्र साकार किया जा सकेगा।

संत श्री रामकिशोर जी महाराज ने गायत्री मण्डल द्वारा संचालित श्री पीताम्बरा आश्रम में धर्म चेतना चर्चा समागम में यह उद्गार व्यक्त किए। इस अवसर पर प्रमुख संत श्री रामनिवास जी शास्त्री महाराज तथा गायत्री मण्डल के संरक्षक एवं बड़ा रामद्वारा बांसवाड़ा के संत श्री रामप्रकाश रामस्नेही जी महाराज ने भी विचार व्यक्त किए।

संत श्री रामकिशोर जी महाराज एवं संत महानुभावों ने श्री पीताम्बरा आश्रम पहुंचकर देव प्रतिमाओं के दर्शन किए और आश्रम के विभिन्न कक्षों व परिसरों, सुविधाओं आदि का अवलोकन किया और अल्प समय में आश्रम के विकास एवं विस्तार में उल्लेखनीय प्रगति के लिए मण्डल की पूरी टीम की प्रशंसा की।ृ

मेड़ता पीठाधीश्वर संत श्री रामकिशोर जी महाराज ने गायत्री मण्डल द्वारा संचालित विभिन्न नित्य, नैमित्तिक एवं उत्सवी गतिविधियों, अनुष्ठानों, यज्ञार्चन आदि के नियमित होने वाले प्रयोगों तथा निष्काम अनुष्ठानों पर प्रसन्नता व्यक्त की और प्राच्यविद्याओं से संबंधित प्रशिक्षणों, शोध प्रवृत्तियों, ज्योतिष एवं पुरातन विद्याओं से संबंधित जागरुकता आयोजनों आदि को समाज, अंचल एवं जिज्ञासुओं तथा भक्तों के लिए महत्त्वपूर्ण बताया।

सनातन संस्कृति संवहन का केन्द्र

प्रसिद्ध कथावाचक एवं मेड़ता रामस्नेही़ पीठ के उत्तराधिकारी संत श्री रामनिवास शास्त्री महाराज ने धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों को लोक जागरण के साथ ही मानवीय मूल्यों के विस्तार की दिशा में सार्थक स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि सनातन परम्पराओं एवं संस्कृति के संवहन की दृष्टि से गायत्री मण्डल का यह आश्रम प्रमुख केन्द्र बनकर उभरेगा।

मण्डल की जानकारी से अवगत कराया

गायत्री मण्डल के संरक्षक, बड़ा रामद्वारा के संत श्री रामप्रकाश रामस्नेही जी महाराज ने मण्डल की स्थापना से लेकर संस्थापक अध्यक्ष ब्रह्मर्षि पं. महादेव शुक्ल के अनथक प्रयासों, मण्डल के कार्यकलापों, श्री पीताम्बरा आश्रम की गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर विस्तार से जानकारी दी।

प्राच्यविद्या संदर्भ ग्रंथालय देखा, सराहा

मेड़ता पीठाधीश्वर संत श्री रामकिशोर जी महाराज ने श्री पीताम्बरा आश्रम में गायत्री मण्डल द्वारा संचालित प्राच्यविद्या संदर्भ ग्रंथालय का अवलोकन किया और इसमें संग्रहित प्राच्य साहित्य एवं दुर्लभ ग्रंथों का अवलोकन किया और इसे लोढ़ी काशी का विलक्षण ज्ञान भण्डार निरूपित किया।

उन्होंने कहा कि इस संदर्भ ग्रंथालय से पुरातन विधाओं और लुप्त प्रायः विद्याओं के जिज्ञासुओं, शोधार्थियों एवं प्रयोगकर्ताओं को लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर संत श्री रामनिवास शास्त्री एवं संत श्री रामप्रकाश जी रामस्नेही महाराज तथा सामाजिक चिन्तक श्री प्रकाश भावसार ने इसे वागड़ अंचल के लिए बहुत बड़ी उपलधि बताया और कहा कि इससे आने वाली पीढ़ियां तक दुर्लभ ज्ञानराशि की जानकारी पहुंचती रहेगी।

आरंभ में गायत्री मण्डल के आजीवन सदस्य सुनील दोसी, कोषाध्यक्ष अनन्त जोशी, आश्रम के कार्यक्रम समन्वयक साबर मंत्र विशारद पं. मनोज नरहरि भट्ट शास्त्री, आश्रम सेविका श्रीमती शारदा मईड़ा आदि ने संत वृन्द का स्वागत किया।


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