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बांसवाड़ा - श्री पीताम्बरा आश्रम में संस्कृत प्रचार संगोष्ठी

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29 Mar 26
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बांसवाड़ा - श्री पीताम्बरा आश्रम में संस्कृत प्रचार संगोष्ठी

बांसवाड़ा | गायत्री मण्डल द्वारा संस्कृत भारती के सहयोग से ओर से संस्कृत अनुरागियों को संस्कृत शिक्षण-प्रशिक्षण, संभाषण, लेखन तथा संस्कृत विषयक सृजन के लिए प्रेरित करते हुए संस्कृत विधाओं में दक्षता प्रदान करने के लिए व्यापक प्रयास अमल में लाए जाएंगे। इसके लिए विभिन्न स्तरों पर जागरुकता संचार तथा संस्कृत विषयक ऑनलाईन सेवाओं एवं पत्राचार पाठ्यक्रमों से जोड़े जाने की योजना बनाई गई है।

यह जानकारी गायत्री मण्डल के प्राच्यविद्या शोध संस्थान की ओर से श्री पीताम्बरा आश्रम में रविवार को आयोजित संस्कृत प्रचार संगोष्ठी में दी गई।

इस अवसर पर गायत्री मण्डल की ओर से संस्कृत जगत की सराहनीय सेवाओं के लिए संस्कृत भारती के उदयपुर प्रांत संपर्क प्रमुख यज्ञ आमेटा, उदयपुर महानगर शिक्षण प्रमुख श्रीयांश कंसारा, बांसवाड़ा विभाग संयोजक भरत शर्मा, जिला जनपद मंत्री पं. खुश व्यास एवं जिला शिक्षण प्रमुख लोकेश जैन का अभिनन्दन किया गया।

गायत्री मण्डल की ओर से पं. आशीष पण्ड्या (पिण्डारमा), पं. चन्द्रेश व्यास, पुष्पा व्यास, पं. मनोज नरहरि भट्ट, जगदीश सागवाड़िया, हेंस व्यास, नीलू सागवाड़िया, ईशान, मीलू, पं. गिरीश जोशी ‘रामायणी’ आदि ने संस्कृत भारती के पदाधिकारियों का स्वागत किया और सभी शॉल ओढ़ाकर अभिनन्दन किया।

संस्कृत भारती के उदयपुर प्रांत संपर्क प्रमुख यज्ञ आमेटा ने संस्कृत भारती की संस्कृतोत्थान गतिविधियों पर विस्तार से जानकारी देते हुए संस्कृत विषयक शिक्षण, प्रशिक्षण, प्रचार एवं अन्य गतिविघियों से अधिकाधिक संस्कृतप्रेमियों एवं जिज्ञासुओं को जोड़ने का आह्वान किया।

उदयपुर महानगर शिक्षण प्रमुख श्रीयांश कंसारा ने संस्कृत भारती द्वारा संस्कृत शिक्षण से संबंधित विभिन्न पाठ्यक्रमों, शिविरों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि संस्कृत के प्रति हाल के वर्षों में उत्साहजनक एवं व्यापक माहौल बना है।

बांसवाड़ा विभाग संयोजक भरत शर्मा, जिला जनपद मंत्री पं. खुश व्यास एवं जिला शिक्षण प्रमुख लोकेश जैन ने बांसवाड़ा जिले में संस्कृत शिक्षण, गीता शिक्षण आदि प्रकल्पों की जानकारी देते हुए बताया कि इनकी ऑनलाईन कक्षाएं नियमित रूप से जारी हैं।

गायत्री मण्डल की ओर से अध्यक्ष ने संस्कृत भारती के पदाधिकारियों का स्वागत किया और बताया कि मण्डल द्वारा संस्कृत भारती की विभिन्न गतिविधियों से संस्कृतोत्थान प्रकल्पों से अधिकाधिक जिज्ञासुओं एवं प्रशिक्षणार्थियों को जोड़ने की दिशा में सार्थक पहल आरंभ कर दी गई है।

संदर्भ ग्रंथालय का अवलोकन

संस्कृत भारती के पदाधिकारियों ने गायत्री मण्डल द्वारा संचालित पं. पन्नालाल जोशी प्राच्यविद्या संदर्भ ग्रंथालय का अवलोकन किया और प्राचीन ग्रंथों को देखते हुए दुर्लभ संग्रह बताया और इस ऐतिहासिक कार्य के लिए मण्डल की सराहना की।


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