बाड़मेर। वात्सल्य मूर्ति दीदी मां साध्वी ऋतम्भरा के अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में वात्सल्य सेवा केन्द्र बाड़मेर में चल रही श्री षिव महापुराण कथा के प्रथम दिन मंगलवार को साध्वी सत्यसिद्धा ने अपने प्रवचनों में कहा कि मन को नियंत्रित में रख प्रभु की साधना करें। उन्होंने कहा कि कार्य कोई छोटा मोटा नहीं होता है मन लगाकर उसमें पारंगत हासिल करें, जिससे सफलता की उचांइयां प्राप्त की जा सकें। भगवान भोलेनाथ का प्रतिदिन स्मरण से मन षांत व एकाग्रता होता है।
कथा में वात्सल्य सेवा केन्द्र के अध्यक्ष ओमप्रकाष मेहता, उपाध्यक्ष पुरूशोतम खत्री, कोशाध्यक्ष इन्द्रप्रकाष पुरोहित, किषोर षर्मा, नवीन सिंघल, महेष सुथार, सम्पत राज लूणिया, ओमप्रकाष माली, छोटूसिंह पंवार, निम्बसिंह देवड़ा, रविन्द्रसिंह भाटी, गोविंदसिंह सोढा, तोगाराम मेघवाल, नारायण बृजवाल, चंद्रवीर परिहार, षिवम मेघवाल, पारस माली आदि सैकड़ों महिलाओं व पुरूशों ने कथा सुनने का आनन्द लिया। कथा में प्रतिदिन भोजन प्रसादी निःषुल्क रविना एण्टरप्राईजेज के मालिक भामाषाह ओमप्रकाष माली की ओर से रखी गई है। कथा में वात्सल्य सेवा केन्द्र की निराश्रित बालिकाओं ने भजन की प्रस्तुति दी। वहीं अब कथा में प्रतिदिन 15 मिनट तक बालिकाओं की ओर से भजन, नाटिका आदि की प्रस्तुति दी जाएगी।
वात्सल्य सेवा केन्द्र के अध्यक्ष ओमप्रकाष मेहता ने बताया कि दीदी मां साध्वी ऋतम्भरा का अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में सात दिवसीय श्री षिव महापुराण कथा का आयोजन लालोणियों की ढाणी स्थित वात्सल्य सेवा केन्द्र में रखा गया है। कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 1 से 5 बजे तक रहेगा। प्रतिदिन कथा के बाद षाम को भोजन प्रसादी रखी गई है। कथा स्थल तक आने-जाने के लिए श्रद्धालुओं के लिए बसों की व्यवस्था भगवान महावीर टाउन हाॅल के पास प्रतिदिन दोपहर 1 बजे तक उपलब्ध रहेगी। कथा में ब्रह्मधाम तीर्थ आसोतरा के सिद्धपीठाधीष्वर श्रीश्री 1008 तुलछाराम महाराज, श्रीश्री 1008 महंत जगदीष पुरी महाराज, श्रीश्री 1008 महंत व पोकरण विधायक प्रतापपुरी महाराज, श्रीश्री 1008 महंत जगराम पुरी महाराज, श्रीश्री 1008 खुषालगिरी महाराज, श्रीश्री 1008 महंत परषुरामगिरी महाराज, श्रीश्री 1008 महंत नारायणपुरी महाराज, श्रीश्री 1008 महंत षंभूनाथ महाराज, श्रीश्री 1008 महंत प्रवीणपुरी महाराज का पावन सानिध्य रहने की उम्मीद है।