उदयपुर : उदयपुर के मेवाड़ राजघराने से संबंधित पद्मजा कुमारी परमार को वॉशिंगटन डी.सी. में आयोजित ब्रेकथ्रू टी1डी के समारोह मे गवर्मेंट डे के दौरान प्रतिष्ठित “मैरी टायलर मूर अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें टाइप-1 डायबिटीज (टी1डी) के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मरीजों के हित में किए गए उनके वैश्विक प्रयासों के लिए प्रदान किया गया है। इस उपलब्धि के साथ, पद्मजा कुमारी परमार इस सम्मान को प्राप्त करने वाली अग्रणी भारतीय महिलाओं में शामिल हो गई हैं। यह पुरस्कार उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित लोगों के समर्थन और जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय नेतृत्व और प्रतिबद्धता दिखाई हो।
इस अवसर पर पद्मजा ने कहा कि बचपन से टाइप-1 डायबिटीज के साथ जीवन जीते हुए मैंने इसकी चिकित्सीय एवं भावनात्मक चुनौतियों को नजदीक से समझा है। विशेषकर भारत में जागरूकता की कमी और सामाजिक कलंक बड़ी बाधाएं हैं। पद्मजा को मात्र 5 वर्ष की आयु में टाइप-1 डायबिटीज से निदान मिला था। इसके बाद उन्होंने अपनी व्यक्तिगत जीवन यात्रा को एक मिशन में बदलते हुए मरीजों के समर्थन और जन-जागरूकता के लिए सक्रिय भूमिका निभाई। वर्तमान में वह ब्रेकथ्रू टी1डी की ग्लोबल एंबेसडर के रूप में कार्यरत हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपचार की पहुंच बढ़ाने तथा मरीजों के लिए सशक्त समर्थन तंत्र विकसित करने में योगदान दे रही हैं।
सम्मान प्राप्त करने पर पद्मजा ने कहा कि यह सम्मान मेरे लिए अत्यंत भावनात्मक है। मैं इसे अपने दिवंगत पिता को समर्पित करती हूँ, जिनकी प्रेरणा और विश्वास ने मुझे हमेशा आगे बढ़ने की शक्ति दी। यह पुरस्कार उन सभी लोगों का है जो टाइप-1 डायबिटीज के साथ हर दिन साहस और दृढ़ता का परिचय देते हैं।
इस वैश्विक उपलब्धि के उपरांत, पद्मजा कुमारी परमार अब भारत में इस विषय पर संवाद को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हैं। वह इस महीने जयपुर में आयोजित होने वाले “ग्लोबल समिट टू एंड डायबिटीज स्टिग्मा” उद्घाटन को सम्बोधित करेंगी। यह अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं एवं मरीज प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाएगा, जहाँ प्रारंभिक निदान, उपचार की उपलब्धता तथा टाइप-1 डायबिटीज से जुड़े सामाजिक कलंक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस सम्मेलन का आयोजन ब्रेकथ्रू टी1डी एवं “द फ्रेंड ऑफ़ मेवाड़” के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। “द फ्रेंड्स ऑफ मेवाड़” की स्थापना पद्मजा द्वारा वर्ष 2013 में की गई थी, जो निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, डायबिटीज जागरूकता, ग्रामीण क्षेत्रों में नेत्र जांच तथा अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य पहलों पर कार्यरत है।