बाड़मेर। हिन्दू जात-पात में बंटे नहीं। हिन्दुओं के प्रत्येक व्यक्ति के षरीर के भागों में सभी जातियों का समावेष है। षरीर का एक भी भाग काम करना बंद कर दे तो आगे बढ़ना मुष्किल हो जाता है। षरीर रूपी गाड़ी वहीं रूक जाती है। हिन्दुओं को तोड़ने के लिए विष्व स्तर पर शडयंत्र चल रहे है। विदेषी ताकतें नहीं चाहती कि हिन्दूओं के नये-नये देष बनते जाए। उनकी कोषिष यहीं है कि इनको जात-पात में बांटकर आपसी टकराव की स्थिति पैदा की जाये ताकि इनमें आपसी वैमनस्य उत्पन्न हो। हम सबको जागरूक होने की जरूरत है।
यह बात राश्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मुख्य वक्ता के रूप में अषोक दवे ने लालोणियों की ढाणी स्थित वात्सल्य सेवा केन्द्र में हिन्दू सम्मेलन में कही। इस मौके पर श्रीश्री1008 संत नारायण पुरी महाराज ने कहा कि भारत के प्रत्येक हिन्दू को जागरूक होना होगा। जो आर्थिक दृश्टि से कमजोर है उनकी मदद कर मुख्य धारा में लाना है। जात-पात, छूआछूत इन सभी का भेद मिटाए। उन्होंने कहा कि लोगों ने तो भगवान को भी जात-पात में बांट दिया, यहीं नहीं संतों को भी बख्ष नहीं रहे है। उन्होंने उपस्थित मातृ षक्ति से आह्वान किया कि अपने पुत्रों को राम व कृश्ण आचरण जैसे व्यक्ति बनाना। पैसों की अंधी दौड़ में जीवन मूल्यों को नहीं भूलाना चाहिए। इस मौके पर श्रीश्री1008 संत प्रवीणपुरी महाराज ने कहा कि हिन्दू जातिगत भेद मिटाकर एक साथ बैठकर भोजन करें। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हिन्दू एकजुट नहीं हुआ तो अस्तित्व खतरे में है।
वात्सल्य सेवा केन्द्र के राश्ट्रीय संत साध्वी सत्यसिद्धा ने कहा कि साक्षात मां भगवती स्वरूपा परम पूज्या दीदी मां साध्वी ऋतम्भरा ने वृंदावन में वात्सल्य ग्राम बसाकर हजारों निराश्रित बेटे-बेटियों को गुरूकुल की तर्ज पर षिक्षा दी जा रही है। साथ ही राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाकर राम मंदिर निर्माण करवाने में सफल रही। हिन्दू वो है जो हिंसा नहीं करता है। सेवा, दया, परोपकर की भावना से सभी को साथ लेकर चलता है। उन्होंने कहा कि बाड़मेर में भी वात्सल्य सेवा केन्द्र में निराश्रित बालिकाओं का लालन पालन हो रहा है। इनको गुरूकुल की तर्ज पर षिक्षा देकर मजबूती प्रदान की जा रही है। इन बेटे-बेटियों में देष भक्ति कूट कूट कर भरी हुई है। यहीं विकसित भारत का सपना साकार करने व हिन्दू जन जागृति बढाने में अभूतपूर्व योगदान देंगे। इस अवसर पर आरएसएस के विभाग संघ चालक मनोहर बंसल, श्रीश्री 1008 दौलतनाथ महाराज, श्रीश्री 1008 प्रेम गिरी महाराज, वात्सल्य सेवा केन्द्र के अध्यक्ष ओमप्रकाष मेहता का षाॅल ओढाकर सम्मान किया गया। इस मौके पर कलाकार कुंभाराम व इनकी टीम ने कुंभ वाणी की प्रस्तुति देकर सभी का दिल जीत लिया। भजन गायिका तुलसी बाई ने भी षानदार भजन की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन वात्सल्य सेवा केन्द्र के उपाध्यक्ष रामकुमार जोषी ने किया। इस दौरान जिला परिशद सदस्य नरपत मूढ, सामाजिक कार्यकर्ता बालाराम चैधरी,
कथा में वात्सल्य सेवा केन्द्र के अध्यक्ष ओमप्रकाष मेहता, संपतराज लूणिया, किषोर षर्मा, नवीन सिंघल, षर्मिला चैहान आदि सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे। इस मौके पर सुबह हवन व यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें साध्वी सत्यसिद्धा, साध्वी सत्यागिरी आदि कई संतों ने यज्ञ में आहुतियां दी।