जयपुर: केसी ग्लोबऐड ने बैठक में देश भर से प्रतिष्ठित वाइस चांसलर, एकेडमिक लीडर, नीति निर्माता और शिक्षा के क्षेत्र में दूरदर्शी सोच रखने वाले प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने “विकसित भारत के लिए विश्वविद्यालयों की नई परिकल्पनाः एआई- अनुकूल प्रतिभा, रोज़गार की क्षमता और विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा विषय पर चर्चा की।
भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के तहत ‘नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग’(एनसीवीईटी) के पूर्व चेयरमैन डॉ. निर्मलजीत सिंह कलसी (सेवानिवृत आईएएस) इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “भारत को ग्लोबल फाइनैंशियल एवं इकोनॉमिक पावरहाउस बनाने के लिए फाइनैंस की शिक्षा और पेशेवर कौशल की मजबूत प्रणाली बनाना बेहद ज़रूरी है। यूनिवर्सिटीज़ के पास शानदार मौका है कि वे आधुनिक पार्टनरशिप मॉडल के ज़रिए विश्वस्तर पर प्रासंगिक फाइनैंस की शिक्षा को सुलभ बनाएं। इससे देश भर के छात्रों को इंटरनेशनल फाइनैंस सेक्टर में सफल करियर बनाने का मौका मिलेगा।’’
वरिष्ठ एकेडमिक लीडर भी सक्रिय रूप से चर्चा में शामिल हुए, इनमें जीसीसी स्कूल के एक्ज़क्टिव डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) मनप्रीत सिंह मन्ना और जीसीसी स्कूल एवं केसी ग्लोबऐड के संस्थापक एवं सीईओ डॉ. कमल छाबड़ा शामिल थे।