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'जात-पात की करो विदाई, हिन्दू हम सब भाई-भाई' के जयघोष से गूँजा चित्तौड़गढ़

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11 Mar 26
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'जात-पात की करो विदाई, हिन्दू हम सब भाई-भाई' के जयघोष से गूँजा चित्तौड़गढ़

चित्तौड़गढ़। विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल एवं मातृशक्ति दुर्गावाहिनी (चित्तौड़गढ़ विभाग) के तत्वावधान में रविवार को इंदिरा प्रियदर्शिनी ऑडिटोरियम में 'समरसता संगोष्ठी: संगत और पंगत' कार्यक्रम अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ।

मुख्य वक्ता विहिप के केंद्रीय सह संगठन मंत्री विनायक राव देशपांडे ने ओजस्वी उद्बोधन में सामाजिक समरसता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि जाति, वर्ण और आर्थिक असमानता की बेड़ियों को तोड़कर ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा सदियों पहले ऐसी जातिगत भेदभाव नहीं थे। यह सब तो हमारी संस्कृति को नष्ट करने के षड़यंत्र के चलते मुगलों द्वारा किया गया है। हम सब एक देश में समरस हो कर रहते थे। उसका जीता जागता उदाहरण हमारे यहाँ आयोजित होने वाले कुंभ मेले है, जहाँ बिना किसी जातिगत भेदभाव के एक घाट पर हर कोई स्नान कर सकता है।

उन्होंने आह्वान किया कि छुआछूत और ऊंच-नीच की भावना को जड़ से समाप्त कर हमें 'हिन्दू हम सब भाई-भाई' के भाव को आत्मसात करना चाहिए।
संगत और पंगत के महत्व को समझाते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जब हम साथ बैठते हैं (संगत) और साथ भोजन करते हैं (पंगत), तब हृदय की दूरियां मिटती हैं और अपनत्व बढ़ता है।
सेवा ही धर्म के ध्येय को आत्मसात करते हुए समाज के वंचित और पिछड़े वर्ग को गले लगाना ही सच्ची ईश्वर सेवा है। उन्होंने सांस्कृतिक एकता पर जोर देते हुए कहा की हमारी जड़ें एक हैं, हमारे पूर्वज एक हैं, इसलिए समाज में किसी भी आधार पर विभाजन स्वीकार्य नहीं है।

कार्यक्रम में संत विनोद जी यति महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि धर्म वही है जो जोड़ना सिखाता है, तोड़ना नहीं।

कार्यक्रम में चित्तौड़गढ़, निम्बाहेड़ा और प्रतापगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में लोग सम्मिलित हुए। पूरा ऑडिटोरियम 'भारत माता की जय', 'जय जय श्री राम' और 'जयकारे वीर बजरंगी' के गगनभेदी नारों से गुंजायमान रहा।

कार्यक्रम की रूपरेखा और सांस्कृतिक छटा
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात दुर्गा वाहिनी नगर संयोजिका अंजलि सेन के शुभांजलि ग्रुप की बहनों द्वारा शौर्य का प्रतीक 'खड्ग नृत्य' प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह में जोश भर दिया।

विभाग मंत्री विश्वनाथ टांक ने स्वागत भाषण के माध्यम से सभी आगंतुकों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राधेश्याम अमेरिया द्वारा की गई। दुर्गा वाहिनी विभाग संयोजिका लोपामुद्रा जोशी द्वारा समरसता विषय पर सुमधुर 'काव्य गीत' ने राष्ट्रभक्ति और सामाजिक चेतना का संचार किया। उसके बाद विहिप चित्तौड़ प्रांत के अध्यक्ष प्रताप सिंह नागदा ने अपना उद्बोधन दिया । कार्यक्रम का मंच संचालन नगर मंत्री अभिनन्दन काबरा और नगर सह मंत्री जयेश भटनागर द्वारा किया गया ।

तत्पश्चात कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विनायक राव देशपांडे विहिप के केंद्रीय सह संगठन मंत्री का विहिप के जिला मंत्री चंद्र शेखर सोनी और बजरंग दल के जिला संयोजक मनोज साहू व मातृ शक्ति व दुर्गा वाहिनी की जिला संयोजिका शिवानी साहू व दीपिका छिपा के नेतृत्व में तलवार और विजय स्तभ का प्रतीक और जौहर की छवि भेंट कर स्वागत किया गया।

अंत में 'बजरंग दल विभाग संयोजक योगेश दशोरा ने समरसता मंत्र' का वाचन किया कार्यक्रम के सफल आयोजन पर विहिप जिलाध्यक्ष किशन पिछोलिया ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए सामाजिक समरसता के संदेश को जीवन में उतारने का आग्रह किया तथा आगे भी इसी तरह स्नेह सहयोग और आशीर्वाद की अपेक्षा की ।
संगोष्ठी के पश्चात ऑडिटोरियम परिसर में ही सामूहिक 'भोज-प्रसाद' का आयोजन हुआ, जहाँ सभी वर्गों के लोगों ने एक साथ बैठकर भोजन कर 'समरसता' का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के राजस्थान क्षेत्र मंत्री सुरेश चन्द्र उपाध्याय, दुर्गा वाहिनी की राजस्थान संयोजिका लता पाण्डिया, प्रांत मंत्री कौशल गौड़, प्रांत सहमंत्री सुंदर कटारिया, युधिष्टिर सिंह, अनिल चतुर्वेदी, मनोज सोनी, मदन त्रिपाठी, मुकेश नाहटा, संघ के विभाग कार्यवाह दिनेश भट्ट, विहिप पूर्व प्रांत मंत्री लक्ष्मीनारायण जोशी सहित सैकड़ो की संख्या में समाज बंधु भगिनी उपस्थित थे।


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