जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के विकास कार्यों को गति देने और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सुदृढ़ राजस्व व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार राजस्व संग्रहण को मजबूत करने के साथ-साथ पारदर्शी और सरल कर व्यवस्था विकसित करने की दिशा में लगातार कार्य रही है। श्री शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलरेंस की नीति, खनन ब्लॉक्स की नियमित नीलामी, पारदर्शी कर व्यवस्था सहित विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं जिससे गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष समान अवधि में राज्य सरकार को 7.10 प्रतिशत की राजस्व अर्जन में वृद्धि हुई है।
श्री शर्मा मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में विभिन्न विभागों द्वारा राजस्व संग्रहण के संबंध में बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकारी राजस्व आय में वृद्धि के लिए कार्ययोजना बना कर कार्य करें। साथ ही, सभी विभागों की राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एक समिति का भी गठन किया जाए जो नियमित तौर पर विभागवार प्रगति का आकलन करे।
_*कर चोरी को रोकने के लिए करें सुदृढ निगरानी तंत्र विकसित*_
श्री शर्मा ने कहा कि जीएसटी सुधारों से आमजन को राहत मिली है और इस क्षेत्र में डेटा एनालिटिक्स में प्रदेश देशभर में अग्रणी है तथा इससे करदाताओं को भी लाभ मिला है। श्री शर्मा ने कर चोरी और पारदर्शी कर व्यवस्था के लिए सुदृढ निगरानी तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही, कर संबंधी सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराने के लिए इंटीग्रेटेड टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि इस सिस्टम के उपयोग करने से करदाताओं को अधिक सुगमता हुई है। राज्य में जीएसटी संग्रहण में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
_*परिवहन विभाग द्वारा 9.51 प्रतिशत अधिक राजस्व अर्जन*_
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों से परिवहन विभाग द्वारा भी गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 9.51 प्रतिशत अधिक राजस्व अर्जन हुआ है। साथ ही, ग्रीन टैक्स से आय भी दोगुनी हो गई है। श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ओवरलोडिंग वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, व्हीकल स्क्रैपिंग का भी व्यवस्थित निष्पादन किया जाए।
_*अवैध खनन पर रोकथाम के लिए करें सख्त कार्रवाई*_
बैठक में बताया गया कि पंजीयन एवं मुद्रांक द्वारा डीएलसी दरों में किए गए सुधारों से इस वर्ष गत वर्ष की तुलना में स्टांप ड्यूटी से अर्जित राजस्व समान अवधि में 16.34 प्रतिशत बढ़ा है। वहीं खनन पट्टों की नीलामी से राजस्व अर्जन पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विभाग द्वारा अवैध खनन पर पूर्ण रोकथाम के उपाय किए जाएं तथा इस कार्य में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उन्होंने पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग को संपत्तियों के पंजीयन की प्रक्रिया सरल करने और आमजन को अधिक से अधिक राहत पहुंचाने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने राज्य में अवैध शराब की बिक्री पर भी प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए। बैठक में आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आबकारी नीति में किए गए नीतिगत सुधारों से इस वर्ष आबकारी से राजस्व पिछले वित्तीय वर्ष से लगभग 7.52 प्रतिशत अधिक रहा है।
बैठक में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।