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क्या अन्विता अदालत की तीनों शर्तें पूरी कर पाएगी और अपने भाई-बहनों की कस्टडी वापस जीत पाएगी? जानिए 'इत्ती सी खुशी' में

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07 Mar 26
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क्या अन्विता अदालत की तीनों शर्तें पूरी कर पाएगी और अपने भाई-बहनों की कस्टडी वापस जीत पाएगी? जानिए 'इत्ती सी खुशी' में

मुंबई : सोनी सब का शो इत्ती सी खुशी अन्विता (सुम्बुल तौकीर खान) की ज़िंदगी के इर्द-गिर्द घूमता है। अन्विता एक ऐसी युवती है, जिसने मुश्किल हालात में अपने परिवार की ज़िम्मेदारी उठाई है। अब कहानी अन्विता के जीवन के सबसे भावुक और चुनौतीपूर्ण दौर में प्रवेश कर रही है। हमेशा अपने भाई-बहनों और परिवार के लिए लड़ने वाली अन्विता अब एक कानूनी लड़ाई में है, जो उनके भविष्य को हमेशा के लिए बदल सकती है। संजय (ऋषि सक्सेना) से तलाक लेने का फैसला करने के बाद अब उसे अपने भाई-बहनों की कस्टडी के लिए लड़ना है।

आने वाले एपिसोड्स में कहानी और भी तीव्र हो जाएगी, जब कोर्ट संजय को दो हफ्तों के लिए बच्चों की अस्थायी कस्टडी दे देता है। अन्विता की आर्थिक अस्थिरता और घर के नाज़ुक माहौल को देखते हुए कोर्ट यह फैसला करता है। संजय की स्थिर नौकरी और सुरक्षित परिस्थितियों के चलते कोर्ट यह मानता है कि फिलहाल बच्चों का रहना उसके साथ ही बेहतर होगा। हालाँकि, कोर्ट अन्विता को तीन हफ्तों का समय देता है, ताकि वह साबित कर सके कि वह अपने भाई-बहनों को सुरक्षित और स्थिर जीवन दे सकती है। कस्टडी वापस पाने के लिए अन्विता को तीन अहम् शर्तें पूरी करनी होंगी  अपने भाई-बहनों के नाम पर एक तय राशि जमा कर आर्थिक स्थिरता दिखाना, हेतल (नेहा एसके मेहता) की बाइपोलर स्थिति और सुहास (वरुण बडोला) की सेहत की चुनौतियों के बावजूद घर का माहौल शांत और स्थिर रखना और बच्चों के लिए एक सुरक्षित वातावरण तैयार करना। इस दौरान, भाई-बहन चाहें, तो उससे मिलने आ सकते हैं, लेकिन इन शर्तों को पूरा करने का दबाव अन्विता पर भारी पड़ता है। तलाक की भावनात्मक तकलीफ झेल रही अन्विता को अब यह भी साबित करना है कि वह अपने परिवार की रक्षा कर सकती है और उन्हें संभाल सकती है।

सुम्बुल तौकीर खान, जो शो में अन्विता का किरदार निभा रही हैं, कहती हैं “ये सीन शूट करना बहुत भावुक था, क्योंकि अन्विता के लिए उसके भाई-बहन ही सब कुछ हैं। कई बार परफॉर्म करते हुए मुझे महसूस हुआ कि वह उन्हें खोने के डर से कितनी डरी हुई है, भले ही बाहर से मज़बूत दिखने की कोशिश करती है। तलाक का दर्द झेलते हुए, उसे यह भी साबित करना है कि उसका घर सुरक्षित और स्थिर है। असहायता और मज़बूती का यह मिश्रण इन सीन को मेरे लिए बहुत खास बना गया। यह सिर्फ कोर्ट केस की कहानी नहीं है, बल्कि परिवार को एक साथ रखने की जद्दोजहद है।”

देखिए इत्ती सी खुशी, हर सोमवार से शनिवार रात 9 बजे, सिर्फ सोनी सब पर


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