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अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बाल साहित्यकार

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24 Jun 26
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अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बाल साहित्यकार

अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बाल साहित्यकार,
निदेशक साहित्य अकादमी मध्य प्रदेश,  निदेशक, भारतीय बाल साहित्य शोध संस्थान, इंदौर, मंत्री संचालक, राष्ट्रभाषा प्रचार समिति एवं हिंदी भवन न्यास, भोपाल उप सभापति, मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति, इंदौर डॉ. विकास दवे का जन्म 3 मई  1969 को पिता स्व. जीवनलाल दवे एवं माता सुशीला देवी के परिवार में तत्कालीन चित्तौड़गढ़ जिले की तहसील अरनोद के निनौर ग्राम में हुआ। आपने हिन्दी साहित्य में एम.ए,,एम. फिल., बाल पत्रकारिता पर पीएच.डी. एवं बाल मनोविज्ञान पर डी.लिट. की उपाधि प्राप्त की है। बाल साहित्य पर विशेष रूप से लिखते हैं । देश की लगभग सभी प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में तीन हजार से अधिक रचनाओं का प्रकाशन और  आकाशवाणी से 50 बाल कथाओं एवं वार्ताओं के साथ दूरदर्शन और अन्य चैनल्स पर 20 से अधिक का प्रसारण किया जा चुका है। विविध विषयों पर 50 से अधिक शोध आलेखों का प्रकाशन हो चुका है। आपके मार्गदर्शन में 80 से अधिक शोधार्थियों ने पीएच.डी. और डी. लिट. की उपाधि प्राप्त की है।
    देशभर की प्रतिष्ठित व्याख्यान मालाओं एवं राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों में 3000 से अधिक व्याख्यान दे कर लगभग 3 लाख से सधिक बच्चों और युवाओं से सीधे संवाद किया है।  बाल फिल्म संग्रहालय के माध्यम से 400 से अधिक बाल फिल्मों का संग्रह एवं बाल फिल्म महोत्सवों के आयोजन करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मध्य प्रदेश शासन की पाठ्यक्रम में नैतिक शिक्षा समाहित करने हेतु गठित सलाहकार समिति में सदस्य, पाठ्यक्रम में गीता दर्शन को सम्मिलित करने हेतु गठित सलाहकार समिति में सदस्य, साहित्य अकादमी के पाठक मंच हेतु साहित्य चयन समिति में सदस्य हैं। हिन्दी पाठ्यक्रम संत गाडगे महाराज विश्वविद्यालय अमरावती के स्नातक पाठ्यक्रम के तृतीय वर्ष में रेखाचित्र विधा के पाठ, 'लर्न बाय फन' की कक्षा 6,7 और 8 में दो दो पाठ एवंमहाराष्ट्र स्कूल शिक्षा बोर्ड में 2 रचनाओं का प्रकाशन शामिल हैं। आपको राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी से अनुमोदित, डॉ. मृदुला सिन्हा महामहिम राज्यपाल, गोआ द्वारा अभियान के ब्रांड एम्बेसेडर मनोनित किए गया। 
      बाल साहित्य के क्षेत्र में आप अब तक 30 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। भारतीय प्राचीन बाल संस्कार परंपरा के विविध आयाम , सपनों का सच व अन्य कहानियां, न फूल चढ़े न दीप जले,दीर्घ नाटक ‘देश के लिए जीना सीखें’,'कड़वा मुँह मीठी बातें' -- बाल कथा संग्रह,भारत परम वैभव की ओर,  शीर्ष पर भारत, दादाजी खुद बन गए कहानी -- बाल कहानी संग्रह, दुनिया सपनों की -- बाल कहानी संग्रह,  पाती बिटिया के नाम -- पत्र संग्रह, कैसा हो मेरा घर,  आज़ाद हिंद सरकार, शिक्षा का स्वदेशी भाव,.सामाजिक समरसता के मंत्रदृष्टा: डा.अम्बेडकर, एकनाथ रानडे, 'गाथा विवेकानंद केंद्र की',पौराणिक गोभक्ति कथाएं, आधुनिक युग के गोभक्तों की कथाएं,  वेद पुराण में गौ माता ,परीक्षा -- बाल कथा, गर्मी की छुट्टियों का सबक -- बाल कथा, अपनी अपनी छुट्टियां -- बाल कथा,प्यारी बहना -- बाल कथा,भानू ने सीखा पाठ -- बाल कथा, बाल पत्रकारिता और देवपुत्र के संपादकीय लेख:एक विवेचन, समकालीन हिन्दी बाल पत्रकारिता-एक अनुशीलन, शाजापुर जिले का क्रांति का इतिहास 1857 से 1947 तक , पौराणिक गोभक्ति कथाएँ, आधुनिक युग के गोभक्तों की कथाएँ एवं वेद पुराण में गौ माता पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं।
    संपादित कृतियों में साहित्य के महावीर- आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी, प्रगति से परम्परा की ओर-श्री रामविलास शर्मा, टंट्या मामा बड़ो लरैय्या, जीवन मूल्य आधारित बाल साहित्य लेखन,  बाल साहित्यकार कोष, संपादन कला,  स्वदेशी चेतन', स्व. विष्णुकांत शास्त्री अभिनंदन ग्रंथ, यशोवर्मन, मध्यप्रदेश के साहित्यकार, जनजातीय योद्धा,गो संपदा, क्रीड़ायन ,बालरंग, विद्या विशाला,कतरा कतरा रोशनी, वीर गर्जना, जीवन मूल्य आधारित बाल साहित्य लेखन, स्वदेशी चेतना, गाथा  नर्मदा मैया की, देखा घर पद्मिनी का , गोवा एट ए ग्लांस , निर्झर माधुरी, छांह संस्कृति की आदि सहित 350 से अधिक पुस्तकों एवं स्मारिकाओं का सम्पादन। विगत 38 वर्ष से बाल पत्रकारिता में सक्रीय हैं। ' हरिद्रा' अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्रिका में विगत 5 वर्ष से संपादक हैं। देवपुत्र जैसी बाल मासिक पत्रिका के संपादक के रूप में 32 वर्ष सतत कार्यरत रहते हुए उसकी प्रसार संख्या के विश्व कीर्तिमान 3 लाख 71 हजार पत्रिका प्रति माह तक लाने का उल्लेखनीय कार्य किया। 
    आपके पुरस्कार और सम्मान की लंबी फेहरिस्त हैं और 150 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। पेरिस विश्व साहित्य सम्मेलन में साहित्य गौरव सम्मान, फिजी विश्व हिंदी सम्मेलन में साहित्य सेवा सम्मान, बाल साहित्य प्रेरक सम्मान इन्दौर, स्व. भगवती प्रसाद गुप्ता सम्मान कानपुर, अखिल भारतीय साहित्य परिषद नई दिल्ली द्वारा सम्मान, राष्ट्रीय पत्रकारिता कल्याण न्यास, दिल्ली सम्मान, स्व. प्रकाश महाजन स्मृति सम्मान, स्व.श्री धर्मचन्द जैन स्मृति सम्मान, पं. दीनदयाल उपाध्याय युवा पत्रकारिता सम्मान, सरस्वती शिशु मंदिर पूर्व छात्र परिषद् द्वारा सम्मान, साहित्य परिषद् का शब्द साधक सम्मान, विश्व हिन्दीसम्मान, राजकुमार जैन फाउंडेशन बाल साहित्य सम्मान, बाल साहित्य जीवन गौरव सम्मान, स्व. सरस्वती सिंह स्मृति साहित्य सेवा सम्मान, ओंकारलाल शास्त्री स्मृति सम्मान, संस्कृति भवन साहित्य सेवा सम्मान, स्व. पं. विश्वनाथ मेहता स्मृति श्रेष्ठ पत्रकारिता सम्मान, साहित्य क्रांति अलंकरण, भाषा सारथी सम्मान, विशिष्ट राष्ट्र निर्माता सम्मान, स्व. शिवमंगल सिंह सुमन स्मृति अलंकरण, श्री कन्हैया लाल नंदन स्मृति बाल साहित्य सम्मान, बिहार रत्न सम्मान और महाराष्ट्र भारती सम्मान प्रमुख सम्मानों में शामिल हैं। 
    आप भोपाल को यूनेस्को क्रिएटिव सिटी ऑफ लिटरेचर घोषित करवाने हेतु गठित सलाहकार समिति में सदस्य रहे साथ ही  देश की कई अकादमियों, साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्थाओं में सदस्य हैं । वर्तमान में  इंदौर स्थित मध्यप्रदेश सरकार की साहित्य अकादमी के निदेशक के रूप में साहित्य और हिंदी के प्रचार के लिए सेवारत हैं और साहित्य सृजन में सक्रिय हैं।


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