उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर के लिए गौरव का क्षण तब आया, जब शहर के प्रख्यात साहित्यकार परितोष चंद्र दुग्गड़ ने अपनी नवीनतम पुस्तक "Leaves of Life: A Collection of Flash Fiction" की प्रति कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत को 19 जून को राजभवन, बेंगलुरु में सप्रेम भेंट की।
इस अवसर पर दुग्गड़ ने राज्यपाल को पुस्तक की विषयवस्तु, साहित्यिक अवधारणा तथा फ्लैश फिक्शन विधा की विशेषताओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह पुस्तक 121 प्रभावशाली फ्लैश फिक्शन कहानियों का संग्रह है, जिसमें कम शब्दों में मानवीय रिश्तों, जीवन मूल्यों, नैतिक द्वंद्व, संवेदनाओं और रोज़मर्रा के अनुभवों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक की सामग्री को रिलेशनशिप, ह्यूमन नेचर, आयरनी, ग्रेस, एनिग्मा, कर्म, होप, क्राइसिस, ह्यूमर और मेलोडी जैसे दस विषयगत खंडों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक खंड जीवन के अलग-अलग आयामों को छोटी लेकिन गहन कहानियों के माध्यम से पाठकों तक पहुँचाता है।
इस पुस्तक की एक विशेष उपलब्धि यह भी है कि इसकी भूमिका (Foreword) विश्वप्रसिद्ध फ्लैश फिक्शन लेखक डॉन टैसोन (Don Tassone) ने लिखी है, जिससे पुस्तक को अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक पहचान और विश्वसनीयता मिली है।
परितोष चंद्र दुग्गड़ ने बताया कि "Leaves of Life" जीवन के विविध रंगों और अनुभवों का ऐसा संग्रह है, जो 18 वर्ष से लेकर 80 वर्ष तक के पाठकों के लिए समान रूप से प्रेरणादायक, विचारोत्तेजक और रोचक है।
राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत ने पुस्तक की सराहना करते हुए समकालीन साहित्य में फ्लैश फिक्शन जैसी प्रभावशाली विधा को समृद्ध करने के लिए लेखक के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने पुस्तक की सफलता तथा परितोष चंद्र दुग्गड़ की भावी साहित्यिक यात्रा के लिए अपनी शुभकामनाएँ भी दीं।
राजभवन में पुस्तक की यह भेंट उदयपुर के साहित्यिक जगत के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। यह सम्मान न केवल परितोष चंद्र दुग्गड़ की साहित्यिक साधना का सम्मान है, बल्कि उदयपुर की समृद्ध साहित्यिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाला महत्वपूर्ण अवसर भी है।