जैसलमेर। जिला कलक्टर प्रताप सिंह के निर्देशन में जिले में पेयजल समस्या के प्रभावी समाधान एवं आगामी ग्रीष्म ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिला कलक्टर ने जैसलमेर शहरी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने एवं उसकी प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए नगरपरिषद, जलदाय एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित की है।
जिला कलक्टर प्रताप सिंह ने कहा कि पेयजल व्यवस्था प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने तथा पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जिले में पानी की निर्बाध एवं सुचारु आपूर्ति बनी रहे एवं नागरिकों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिला कलक्टर के निर्देशों की पालना में सहायक कलक्टर रोहित वर्मा के नेतृत्व में गठित विभिन्न निरीक्षण टीमों ने बुधवार को जैसलमेर शहर के विभिन्न वार्डों का औचक निरीक्षण कर जल आपूर्ति व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान टीमों ने जल स्त्रोतों, पम्पिंग स्टेशनों, वितरण लाइनों, जलाशयों एवं टैंकर आपूर्ति व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन किया। संबंधित विभागीय अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित कार्मिकों से जानकारी प्राप्त कर जल वितरण की समय-सारणी, प्रेशर की स्थिति एवं शिकायत निवारण प्रक्रिया की समीक्षा की।
टीमों ने क्षेत्रवासियों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना। कई स्थानों पर कम प्रेशर, अनियमित सप्लाई तथा पाइपलाइन लीकेज जैसी समस्याएं सामने आईं, जिन पर जलदाय विभाग के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिला कलक्टर ने जलदाय विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पेयजल आपूर्ति को सुचारु रुप से करें एवं सभी जोनों में पूर्ण प्रेशर के साथ पानी नगरवासियों को मिलें।
सहायक कलक्टर रोहित वर्मा ने बताया कि प्रशासन का उद्देश्य गर्मी के मौसम में संभावित जल संकट की स्थिति से पूर्व ही प्रभावी तैयारी करना है, ताकि आमजन को पेयजल की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने निर्देश दिए कि जल स्त्रौतों की नियमित मॉनिटरिंग, मोटर-पम्पों का समय पर रख-रखाव, पाईप लाइन लीकेज की शीघ्र मरम्मत करावें।
जिला प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि जल आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के लिए त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र सक्रिय रहे एवं प्राप्त शिकायतों की दैनिक समीक्षा की जाए। साथ ही, जल संरक्षण एवं समुचित उपयोग के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।