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कम वोल्टेज से उद्योग प्रभावित, उपभोक्ता आयोग ने बिजली विभाग को सुधार और मुआवजा देने का आदेश

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30 Mar 26
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     जैसलमेर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग जैसलमेर ने सिद्धी विनायक इंडस्ट्रीयल में वोल्टेज और तीनों फंज में सही विद्युत आपूर्ति नहीं होने के कारण उसके औद्योगिक कार्य प्रभावित हो रहे थे। मशीने सही से संचालित नहीं हो पा रही थी, जिससे उत्पादन रुक गया और कार्य निष्क्रिय हो गए। आयोग ने परिवादी के पक्ष में निर्णय देते हुए उपभोक्ता के अध्यक्ष एवं पीठासीन अधिकारी पवन कुमार ओझा एवं सदस्य रमेश कुमार गौड की पीठ ने परिवादी का परिवाद विरूद्ध अप्रार्थीगण स्वीकार किया जाकर अप्रार्थीगण को आदेशित किया जाता है कि ये परिवादी के परिसर में वोल्टेज की समस्या का निराकरण कर परिवादी को मशीनरी के संचालन के लिए तीनो फेस में आवश्यक वाल्टेज तुरन्त उप्लब्ध करावें।

    यदि अप्रार्थीगण के लिए आवश्यक वाल्टेज कृर्षि फीडर की विद्युत लाईन से परिवादी को उपल्ब्ध कराया जाना संभव नहीं हो तो सहायक अभियंता के कथनानुसार नये प्रोजेक्ट का काम 1 माह में पूर्ण कर उससे परिवादी को कनेक्शन प्रदान करें अथवा अप्रार्थी विभाग स्वयं अपने व्यय पर परिवादी को 33/11 केवी सब स्टेशन से डायरेक्ट परिवादी के ओद्योगिक परिसर में विद्युत सम्बन्ध प्रदान करे। अप्रार्थी परिवादी को हुए आर्थिक नुकसान पेटे रू० 4,00,000/- मानसिक क्षतिपूर्ति पेटे रू0 20,000/- रुपये एवं परिवाद व्यय पेटे 5,000/- रुपये भी अदा करें। आदेश की पालना निर्णय की तिथि से 45 दिन में की जावें। 45 दिन में अदा नहीं करने पर सम्पूर्ण देय राशि पर ताअदायगी 9 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज की दर से व्याज अदा करे।

     आयोग के निजी सचिव सुधांश सोनी ने बताया कि परिवादी ने विद्युत विभाग से 75 एच पी थी फेस कनेक्शन लिया है। कम वोल्टेज आने के कारण परिवादी के औद्योगिक कार्य, मशीनरी आदि संचालित करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तीनों फेस में विद्युत सप्लाई सही नहीं आने से मशीने उपकरण संचालित नहीं हो पा रहे जिससे विनिर्माण नहीं हो पा रहा ना ही माल की आपूर्ति की जा रही। विद्युत विभाग ने परिवादी के परिसर में विद्युत संबंध एवं विद्युत बिल जारी करना स्वीकार किया। विद्युत सम्बन्ध परिवादी ने स्वयं स्थापित नहीं किया वरन विद्युत विभाग ने ही अपनी विद्युत लाइन से उसे नियमयानुसार विद्युत कनेक्शन दिया था। परिवादी को विद्युत लाईन के आस पास कृर्षि क्षेत्रों में विद्युत सम्बन्ध चल रहे है कि पूर्ण जानकारी थी। निश्चित रूप से यह जानकारी विभाग को भी थी और जब यह जानकारी विभाग को थी कि कृर्षि क्षेत्रों के कनेक्शन होने से वोल्टेज की समस्या रहती है। विद्युत विभाग परिवादी की समस्या का निस्तारण नहीं कर उल्टे उसे सब स्टेशन से डायरेक्ट 33/11 केवी के कनेक्शन की सलाह दे रहे है जबकि विद्युत विभाग को आवेदन के समय ही परिवादी को यह सलाह देकर आवेदन रद्द कर दिया जाना चाहिए था परन्तु उन्होने परिवादी से उसके विद्युत सम्बन्ध के लिए आवश्यक राशि लेकर विद्युत सम्बन्ध कृर्षि फीटर लाईन से स्थापित किया। परिवादी को आ रही वाल्टेज की समस्या पर विद्युत विभाग को वाल्टेज कन्ट्रोल कर सही वोल्टेज उपलब्ध करा कर समस्या का निराकरण करना बाहिए था न कि समस्या से पल्ला झाड देना था। आयोग में उपस्थित सहायक अभियंता ने कथन किया कि एक अन्य सरकारी प्रोजेक्ट के तहत परिवादी के परिसर की ओर बरमसर से नयी विद्युत लाईन बिछायी जा रही है जिसका कार्य दो से तीन माह में पूर्व होने की संभावना है। उस प्रोजेक्ट के पूर्व होने के बाद परिवादी के परिसर को इससे जोड़े जाने के उपरान्त कम वोल्टेज व विद्युत सप्लाई की समस्या नहीं रहेगी। विद्युत विभाग को पर्याप्त समय दिया गया जिससे कि वे परिवादी की समस्या का निस्तारण कर सके। परन्तु अब तक परिवादी के परिसर में विद्युत समस्या यथावत है। अधिक दर से उपभोग राशि वसूलने के बाद भी कृर्षि फीडर से कनेक्शन देना, वाल्टेज की समस्या का सही निदान नहीं करना अप्रार्थीगण की सेवाओं में कमी को साबित करता है, अनफेयर ट्रेड प्रेक्टिस एवं मोनोपाली आफ ट्रेड को भी दर्शाता है।


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