जैसलमेर। राज्य सरकार एवं कृषि विभाग की पहल से किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम भागू का गांव, तहसील जैसलमेर निवासी किसान रमजान खान एवं सुमार खान के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड लाभदायक साबित हो रहा है।
किसान रमजान खान ने कृषि विभाग के माध्यम से अपनी कृषि भूमि की मिट्टी की जांच करवाई। जांच के उपरांत उन्हें मंगलवार को आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया गया। शिविर में तहसीलदार राजेंद्र करण, सहायक कृषि अधिकारी महेश कुमार, वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक रामनारायण कुमावत एवं कृषि पर्यवेक्षक मनीष कुमार उपस्थित रहे।
रमजान खान ने बताया कि पहले वे अनुमान के आधार पर खेतों में खाद एवं उर्वरकों का उपयोग करते थे, जिससे कभी आवश्यकता से अधिक तो कभी कम मात्रा में खाद डाल दी जाती थी। इससे खेती की लागत बढ़ती थी एवं उत्पादन भी प्रभावित होता था।
उन्होंने कहा कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्राप्त होने के बाद अब उन्हें अपनी भूमि में उपलब्ध पोषक तत्वों की वास्तविक स्थिति एवं आवश्यक उर्वरकों की सही मात्रा की जानकारी मिल गई है। इससे वे संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी।
रमजान खान का कहना है कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों को वैज्ञानिक एवं आधुनिक खेती की दिशा में आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण साधन है। इससे न केवल फसल उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने इस उपयोगी पहल के लिए राज्य सरकार, जिला प्रशासन, कृषि विभाग जैसलमेर एवं शिविर में उपस्थित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है और खेती को अधिक लाभकारी बना रही है।