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12 साल की उम्र में ब्याही, 9 साल तक झेला दर्द, अब सारथी के संबल से बाल विवाह निरस्त

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19 Mar 26
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12 साल की उम्र में ब्याही, 9 साल तक झेला दर्द, अब सारथी के संबल से बाल विवाह निरस्त

जोधपुर। महज 12 साल की उम्र में बाल विवाह की बेडियों में जकड़ कर 9 साल तक दंश झेलने के बाद आखिरकार 21 वर्षीय बालिका वधु खुशबू को नवसंवत्सर के मौके पर बाल विवाह से मुक्ति की सौगात मिल गई। सारथी ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी एवं पुनर्वास मनोवैज्ञानिक डॉ. कृति भारती की मदद से खुशबू का बाल विवाह निरस्त हो गया। जोधपुर के पारिवारिक न्यायालय संख्या-2 के न्यायाधीश वरुण तलवार ने बाल विवाह के खिलाफ सख्त संदेश देते हुए खुशबू के बाल विवाह निरस्त का फैसला सुनाया। कोर्ट के फैसले के बाद खुशबू और उसके परिवार की आंखों से राहत और खुशी के आंसू छलक पड़े।

सारथी का संबल बना सहारा, डेढ़ साल पहले कोर्ट में दस्तक

वर्तमान में करीब 21 वर्षीय खुशबू का बाल विवाह समाज के दबाव में वर्ष 2016 में जोधपुर जिले के एक ग्रामीण इलाके में कर दिया गया था। उस समय उसकी उम्र करीब 12 साल थी। इसके कुछ सालों बाद में ही ससुराल वालों ने गौना करवाने का दबाव बनाया तो खुशबू अवसादग्रस्त हो गई। इस बीच में खुशबू को सारथी ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी और चाइल्ड एंड वूमेन राइट्स एडवोकेट डॉ. कृति भारती की बाल विवाह निरस्तीकरण मुहिम की जानकारी मिली। डॉ. कृति ने उसे कानूनी मदद और मानसिक संबल दिया। करीब डेढ़ साल पहले डॉ.कृति की मदद से खुशबू ने पारिवारिक न्यायालय संख्या-2 में बाल विवाह निरस्तीकरण के लिए वाद दायर किया।


फैमिली कोर्ट का फैसला: बाल विवाह जघन्य अपराध, तुरंत निरस्त किया

इधर, पारिवारिक न्यायालय संख्या में डॉ.कृति ने खुशबू की तरफ से पैरवी कर बाल विवाह के तथ्यों, लड़के के आज भी 21 वर्ष का नहीं होने और खुशबू के आयु संबंधी दस्तावेजों के पेश किए। जबकि तथाकथित पति ने बाल विवाह के बजाय किसी और तिथि को बालिग विवाह होने का तर्क दिया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद पारिवारिक न्यायालय संख्या 2 के न्यायाधीश वरुण तलवार ने सुनवाई के बाद खुशबू का बाल विवाह निरस्त करने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया। कोर्ट ने साफ संदेश दिया कि बाल विवाह से बच्चों का वर्तमान और भविष्य दोनों अंधकारमयी हो जाते हैं। बाल विवाह की कुरीति को खत्म करने के लिए समाज को प्रेरक पहल करनी होगी। उन्होंने डॉ.कृति की मुहिम की मुक्तकंठ सराहना भी की। 


डॉ.कृति ने 54 बाल विवाह निरस्त कराए, 2200 से अधिक रोके
 
उल्लेखनीय है कि सारथी ट्रस्ट की डॉ. कृति भारती ने देश का पहला बाल विवाह निरस्त करवाया था। अब तक 54 बाल विवाह निरस्त करवा चुकी हैं और 2200 से अधिक बाल विवाह रोक चुकी हैं। उनकी यह पहल देशभर में बदलाव की मिसाल बन चुकी है। उनकी इस मुहिम को वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, एशिया बुक और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। सीबीएसई ने उनकी मुहिम को कक्षा 11 के कोर्स में शामिल किया। डॉ.कृति को मारवाड-मेवाड रत्न, टेफ्ड मैगजीन की वर्ल्ड टॉप टेन एक्टिविस्ट सूची व बीबीसी की 100 प्रभावशाली महिलाओं की सूची सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मान मिल चुके हैं।

इनका कहना है

अब मैं अपने सपनों के साथ आगे बढ़ूंगी”
“मैंने कभी बाल विवाह को स्वीकार नहीं किया। डॉ. कृति दीदी की मदद से मैंने हिम्मत जुटाई और आज मैं आजाद हूं। अब अपना भविष्य संवारूंगी।”
— खुशबू, बाल विवाह विजेता

“खुशबू की जीत सिर्फ उसकी नहीं, बल्कि समाज के लिए संदेश है। हर बच्ची को अधिकार मिले, यह हमारी प्राथमिकता है। अब खुशबू के बेहतरीन पुनर्वास के प्रयास किए जा रहे हैं। 
— डॉ. कृति भारती, मैनेजिंग ट्रस्टी, सारथी ट्रस्ट


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