कोटा। रेलवे कॉलोनी थाना प्रभारी रामस्वरूप मीणा ने सोगरिया क्षेत्र में 10 वर्षीय बालक की हत्या की सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए एक नाबालिग बालक को निरुद्ध किया है। पुलिस ने महज 30 घंटे के भीतर तकनीकी अनुसंधान, आसूचना संकलन और लगातार सघन तलाशी अभियान चलाकर इस चुनौतीपूर्ण मामले का पर्दाफाश किया।
कोटा सिटी एसपी अधीक्षक डॉ. तेजस्वनी गौतम ने बताया कि 26 मई को रेलवे कॉलोनी थाने में एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका 10 वर्षीय पुत्र 25 मई को दोपहर करीब 1 बजे मोहल्ले में खेलने गया था, लेकिन वापस घर नहीं लौटा। परिजनों द्वारा रिश्तेदारों एवं आसपास काफी तलाश करने के बावजूद बालक का कोई सुराग नहीं लगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना रेलवे कॉलोनी में तत्काल मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आधा दर्जन टीमें गठित कर बालक की तलाश शुरू की। गठित टीमों ने बालक के मित्रों, सहपाठियों और पड़ोसियों से पूछताछ की तथा तकनीकी अनुसंधान और मुखबिर तंत्र की मदद से लगातार प्रयास किए।
करीब 30 घंटे की तलाश के बाद पुलिस को वर्कशॉप के सामने जंगल क्षेत्र में बालक का शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। शव को जंगली जानवरों द्वारा नोचे जाने के कारण धड़ और सिर लगभग 50 फीट की दूरी पर पड़े मिले। सूचना पर एफएसएल और एमओबी टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य एकत्र किए गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक बालक की दोस्ती एक नाबालिग से थी। दोनों अक्सर साथ रहते थे। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर 28 मई को आरोपी नाबालिग को डिटेन कर लिया।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के अनुसार आरोपी नाबालिग सोगरिया क्षेत्र में किराए से रहता है तथा कक्षा 8 का छात्र है। 25 मई को आरोपी और मृतक बालक घर से मोबाइल लेकर बाहर गए, जहां उन्होंने मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखे और सिगरेट पी। इसके बाद आरोपी मृतक को बहला-फुसलाकर वर्कशॉप के सामने जंगल क्षेत्र में ले गया।
वहां किसी बात को लेकर विवाद होने पर आरोपी ने पास पड़े पत्थर से बालक के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार आरोपी ने शव की पहचान छिपाने के उद्देश्य से चेहरे को जलाने का प्रयास भी किया। वारदात के दौरान कपड़ों पर लगे खून के धब्बों को मिटाने के लिए आरोपी जानबूझकर नाले में भी गिरा।
इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका
मामले के खुलासे में वृत्ताधिकारी डॉ. पूनम, सउनि. राजुलाल, सउनि. ओमप्रकाश सहित थाना प्रभारी रामस्वरूप मीणा और उनकी टीम के पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस टीम ने लगातार मेहनत और तकनीकी अनुसंधान के जरिए इस जघन्य वारदात का खुलासा किया।