के डी अब्बासी
कोटा। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कोटा इकाई ने उद्योग नगर थाने में तैनात चेतक चालक कांस्टेबल हरिओम को 7 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी कांस्टेबल एक कथित मामले को रफा-दफा कराने के नाम पर परिवादी से रिश्वत मांग रहा था, जबकि संबंधित मामले में न तो कोई परिवाद दर्ज था और न ही एफआईआर।
एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पड़ोसियों ने उसके पुत्र के खिलाफ उद्योग नगर थाने में झूठी शिकायत की है। जांच के दौरान कांस्टेबल हरिओम ने परिवादी को थाने बुलाकर मामला समाप्त कराने के एवज में 15 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। आरोप है कि उसने बातचीत के दौरान परिवादी की जेब से जबरन 5 हजार रुपए भी निकाल लिए और शेष राशि देने के लिए लगातार दबाव बनाता रहा।
शिकायत मिलने पर एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया। 15 जून को हुई सत्यापन कार्रवाई में आरोपी ने 8 हजार रुपए लेने पर सहमति जताई, जिससे रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई।
गुरुवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार एवं उप पुलिस अधीक्षक अनीस अहमद के नेतृत्व में गठित ट्रैप दल ने उद्योग नगर थाने के बाहर कार्रवाई करते हुए कांस्टेबल हरिओम को परिवादी से 7 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई की सूचना मिलते ही उद्योग नगर थाने में हड़कंप मच गया। एसीबी द्वारा आरोपी से पूछताछ की जा रही है तथा उसके आवास की भी तलाशी ली गई है।
ड्यूटी समाप्त होने के बाद ली रिश्वत
जानकारी के अनुसार हरिओम पिछले करीब 15 वर्षों से पुलिस विभाग में कार्यरत है तथा लंबे समय से पुलिस लाइन में तैनात था। उसकी प्रतिदिन उद्योग नगर थाने में चेतक वाहन पर ड्यूटी लगती थी। गुरुवार को सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक ड्यूटी पूरी करने के बाद उसने परिवादी को थाने के बाहर बुलाकर रिश्वत ली।
थाने में नहीं था कोई मामला दर्ज
उद्योग नगर थाना प्रभारी लाल यादव के अनुसार परिवादी के बेटे के खिलाफ पेड़ काटने संबंधी कोई परिवाद अथवा रिपोर्ट थाने में दर्ज नहीं थी। इसके बावजूद कांस्टेबल हरिओम परिवादी को डराकर और दबाव बनाकर रुपए वसूलने का प्रयास कर रहा था।
उद्योग नगर थाना पहले भी रहा विवादों में
उद्योग नगर थाना इस वर्ष कई विवादों को लेकर चर्चा में रहा है। इससे पहले 112 वाहन में तैनात एक कांस्टेबल पर युवक को बंधक बनाकर लूटपाट करने का आरोप लगा था, जिसके बाद उसे बर्खास्त किया गया। वहीं एक अन्य कांस्टेबल के गायब होने पर उसे निलंबित किया गया था। इसके अलावा भाजपा पदाधिकारी से मारपीट के मामले में भी थाने के तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया जा चुका है।