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शिक्षा विभाग में रचनात्मकता और आत्मबोध की कार्यशालाओं का आयोजन

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11 May 26
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शिक्षा विभाग में रचनात्मकता और आत्मबोध की कार्यशालाओं का आयोजन

उदयपुर। शिक्षा विभाग, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में बी.एड. एवं एकीकृत पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों के लिए रचनात्मकता, आत्मबोध और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी दो विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। कार्यशालाओं में विद्यार्थियों को कला, नाट्य, मूकाभिनय, कहानी वाचन, योग एवं ध्यान के माध्यम से स्वयं को समझने और अभिव्यक्ति कौशल विकसित करने का प्रशिक्षण दिया गया।

बी.एड. द्वितीय वर्ष पाठ्यक्रम के अंतर्गत आयोजित “आर्ट एंड ड्रामा” कार्यशाला का शुभारंभ प्रसिद्ध मूकाभिनय कलाकार एवं कहानी वक्ता विलास जानवे तथा किरण जानवी के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षा संकाय प्रमुख डॉ. अल्पना सिंह के स्वागत उद्बोधन से हुई। अतिथियों का परिचय डॉ. कुमुद पुरोहित ने कराया। कार्यशाला में डॉ. स्वाति लोढ़ा, डॉ. निशा सिंघवी सहित अन्य शिक्षकों ने विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों की जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. निशा सिंघवी ने किया।

कार्यशाला में डॉ. तमन्ना सोनी, डॉ. मीना पूर्बिया, डॉ. अनूपा शर्मा, डॉ. अंजू व्यास, डॉ. चंचल नागदा, डॉ. हिमांशु भट्ट, डॉ. कीर्ति जैन, श्रीमती किरण राणावत एवं श्रीमती आशा डांगी सहित अनेक शिक्षकों की उपस्थिति रही।

इसी क्रम में शिक्षा विभाग द्वारा एकीकृत पाठ्यक्रम प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए “स्व की समझ” विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को आत्मबोध, मानसिक संतुलन एवं सकारात्मक जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था। इसमें विद्यार्थियों को योग, ध्यान एवं आत्मचिंतन से जुड़े विषयों की जानकारी डॉ. अल्पना सिंह, डॉ. सपना मावतवाल, डॉ. कुमुद पुरोहित तथा डॉ. हिमांशु भट्ट द्वारा दी गई।

दोनों कार्यशालाओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रचनात्मक एवं आत्मविकास से जुड़े अनुभव प्राप्त किए।


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