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उदयपुर को वाय श्रेणी का दर्जा देने को लेकर सांसद डॉ रावत ने केंद्रीय वित्त मंत्री को लिखा पत्र

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21 Jan 26
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उदयपुर को वाय श्रेणी का दर्जा देने को लेकर सांसद डॉ रावत ने केंद्रीय वित्त मंत्री को लिखा पत्र

उदयपुर। सांसद डॉ. मन्ना लाल रावत ने उदयपुर शहर को ’वाय श्रेणी में वर्गीकृत करने को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सितारमण को पत्र लिखा है।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों सांसद डॉ मन्नालाल रावत द्वारा जिला परिषद् सभागार में रखी जनसुनवाई में निजी सहायक संवर्ग महासंघ, जिला कलक्टर कार्यालय के लिपिक संवर्ग, राजस्थान कम्प्यूटर अधीनस्थ कर्मचारी संघ सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने यह मांग रखी थी।
सांसद डॉ रावत ने पत्र में बताया कि उदयपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत उदयपुर शहर वर्तमान में जेड श्रेणी में वर्गीकृत है। उदयपुर नगर निगम सीमा क्षेत्र में हुए विस्तार से वर्तमान में निगम में कुल 80 वार्डों का गठन किया गया है, जिसकी कुल जनसंख्या 5.73,585 है। यह जनसंख्या जनगणना वर्ष 2011 के आधार पर है। उक्त जनगणना के 14 वर्षों पश्चात् उदयपुर नगर निगम क्षेत्र की वास्तविक जनसंख्या 07 लाख से भी अधिक हो चुकी है। वर्तमान में उदयपुर शहर के जेड श्रेणी में वर्गीकृत होने से यहां के केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार के कार्मिकों को 10 प्रतिशत मकान किराया भत्ता (एचआरए) ही प्राप्त हो रहा है।
सांसद डॉ रावत ने पत्र में जानकारी दी कि उदयपुर शहर एक विश्वविख्यात पर्यटन नगरी है, जहां प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में देशी-विदेशी नागरिक आते है, जिसके कारण यहां का मकान किराया अन्य शहरों की तुलना में बहुत अधिक है। यहां के विभिन्न सरकारी कार्मिक संघ व यूनियन द्वारा लगातार उदयपुर शहर को वाय श्रेणी में पंजीकृत किये जाने की मांग विभिन्न स्तरों पर की जा रही है। सांसद डॉ रावत ने केंद्रीय वित्त मंत्री से आग्रह किया कि उदयपुर नगर निगम क्षेत्र जो कि वाय श्रेणी के शहर के रूप में वर्गीकृत किये जाने की पूर्ण योग्यता रखता है, को वाय श्रेणी शहर का दर्जा दिलाया जाए।

 


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