लखनऊ।देश की महान वीरांगनाओं के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति को नमन करने के उद्देश्य से नवनीत ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, लखनऊ द्वारा एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, रिपीट खंड, लखनऊ में आयोजित होगा। समारोह का उद्देश्य भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली वीरांगनाओं की स्मृति को संजोना तथा नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरित करना है।
इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाली वीरांगनाओं के अदम्य साहस और बलिदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाएगा। उनके जीवन और योगदान पर प्रकाश डालते हुए समाज में उनके आदर्शों को प्रसारित करने का संकल्प लिया जाएगा। समारोह में देश-प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाओं को राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम के आयोजक प्रोफेसर अमरीक सिंह हैं, जिन्होंने 1977 में लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रवेश लेकर बीएससी, एमएससी (केमिस्ट्री) तथा पीएचडी (केमिस्ट्री) की उपाधियां प्राप्त कीं। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय के कांस्टीट्यूएंट कॉलेज इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में लगभग 35 वर्षों तक सेवा दी और वर्ष 2020 से लगातार कुलपति के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनके शैक्षणिक और रचनात्मक योगदान की व्यापक सराहना होती रही है।
समारोह में देश की 11 वीरांगनाओं के नाम से राष्ट्रीय अवार्ड प्रदान किए जाएंगे। इनमें रानी लक्ष्मीबाई मेमोरियल नेशनल अवार्ड, रानी पद्मावती मेमोरियल नेशनल अवार्ड, रानी दुर्गावती मेमोरियल नेशनल अवार्ड, रजिया सुल्ताना मेमोरियल नेशनल अवार्ड, बेगम हजरत महल मेमोरियल नेशनल अवार्ड, हाड़ी रानी मेमोरियल नेशनल अवार्ड, वेलू नचियार मेमोरियल नेशनल अवार्ड, रानी अवंती बाई मेमोरियल नेशनल अवार्ड, पन्ना धाय मेमोरियल नेशनल अवार्ड, रानी चिन्नम्मा मेमोरियल नेशनल अवार्ड तथा रानी अहिल्याबाई होल्कर मेमोरियल नेशनल अवार्ड शामिल हैं।
इसके साथ ही लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्षों की स्मृति में भी 13 मेमोरियल नेशनल अवार्ड प्रदान किए जाएंगे, जिनमें कुंवर रामवीर सिंह, अतुल अंजन, बेन सिंह, इंद्रदेव सिंह, डी.पी. बोरा, समरपाल सिंह, रविंद्र सिंह, सत्यदेव त्रिपाठी, रोबिन मित्रा, राम अवतार दीक्षित, प्रोफेसर हरकिशन अवस्थी, ओंकार भारती बाबा, ब्रह्मा बक्श सिंह तथा डॉक्टर जगदीश गांधी के नाम शामिल हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह, विंग कमांडर वंदना चौधरी, पूर्व सांसद राजेश मिश्रा, कल्याण कैंसर इंस्टिट्यूट के निदेशक एम.एल.बी. भट्ट, अमिटी यूनिवर्सिटी ग्वालियर के कुलपति आर.एस. तोमर, डीआरडीओ के पूर्व महानिदेशक डॉ. सुधीर मिश्रा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सलाहकार प्रोफेसर एच.बी. सिंह, पूर्व कुलपति प्रोफेसर वी.के. सिंह, प्रोफेसर डी.पी. तिवारी, प्रोफेसर अमरीक सिंह तथा प्रोफेसर ए.एस. विद्यार्थी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम के संयोजक और विशेष अतिथि के रूप में लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सरोज तिवारी, मनोज तिवारी, राजेश जैसवाल, प्रोफेसर नीरज जैन, रमेश श्रीवास्तव, अनिल सिंह, राणा प्रताप इंटर कॉलेज के अनिल सिंह तथा मनोज दीक्षित भी समारोह में भाग लेंगे।
नवनीत ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. अमरीक सिंह ने बताया कि यह समारोह केवल सम्मान का कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और इतिहास में महिलाओं के योगदान को व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास है। इस मंच के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि राष्ट्र निर्माण और सामाजिक विकास में महिलाओं की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है।
समारोह में देशभर से शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएं और गणमान्य नागरिक भाग लेंगे। साथ ही इतिहासकारों और विद्वानों द्वारा वीरांगनाओं के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग साझा किए जाएंगे, जिससे युवा पीढ़ी में देशभक्ति, साहस और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को नई ऊर्जा मिल सके।