जयपुर। हिंदुस्तान स्काउट्स एंड गाइड्स एसोसिएशन की राजस्थान राज्य इकाई के पक्ष में माननीय उच्च न्यायालय, जोधपुर ने एक ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णय सुनाया है, जिससे संस्था से जुड़े हजारों स्वयंसेवकों और छात्राध्यापकों में हर्ष की लहर दौड़ गई है।
ज्ञातव्य है कि महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी द्वारा संचालित इस 100 वर्ष पुरानी गौरवशाली संस्था के अस्तित्व और कार्यप्रणाली पर उस समय संकट के बादल छा गए थे, जब शासन सचिव (स्कूल शिक्षा विभाग) एवं निदेशक (प्रारंभिक शिक्षा विभाग, बीकानेर) ने डी.एल.एड. के छात्राध्यापकों के अनिवार्य शिविरों के आयोजन को केवल दो चुनिंदा संस्थाओं तक सीमित करने के निर्देश जारी कर दिए थे। विभाग के इस भेदभावपूर्ण आदेश के विरुद्ध राजस्थान राज्य हिंदुस्तान स्काउट्स एंड गाइड्स के राज्य सचिव श्री विजय कुमार (निवासी श्री गंगानगर) ने माननीय उच्च न्यायालय की शरण ली और याचिका दायर कर संस्था की मान्यता व अधिकारों की रक्षा की गुहार लगाई।
मामले की गंभीरता को समझते हुए माननीय उच्च न्यायालय, जोधपुर ने स्पष्ट किया कि राजस्थान राज्य हिंदुस्तान स्काउट्स एंड गाइड्स, राज्य मुख्यालय जयपुर एक पूर्णतः मान्यता प्राप्त संस्था है और इसके द्वारा आयोजित किए जाने वाले सभी शिविर कानूनी रूप से वैध व मान्य होंगे। न्यायालय ने कड़े शब्दों में निर्देशित किया कि संस्था द्वारा आयोजित होने वाले शिविरों को किसी भी आधार पर रोका न जाए और डी.एल.एड. छात्राध्यापकों को इन शिविरों में भाग लेने से वंचित करना न्यायोचित नहीं है। माननीय न्यायालय के इस आदेश के अनुपालन में अब निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा, बीकानेर ने भी आधिकारिक निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत प्रदेश के समस्त राजकीय एवं निजी शिक्षण प्रशिक्षण संस्थानों को पाबंद किया गया है कि वे उच्च न्यायालय के आदेशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करें। इस निर्णय का स्वागत करते हुए संस्था के सदस्यों ने इसे सत्य और न्याय की विजय बताया है, जिससे अब भविष्य में स्काउटिंग की गतिविधियों को और अधिक बल मिलेगा।