देश के 54 शहरों में गिरता भूजल स्तर एक गंभीर चेतावनी है।
यदि अभी कदम नहीं उठाए गए, तो इसका असर हमारी आने वाली पीढ़ियों पर गहरा पड़ेगा। यह समय है—सरकार, स्थानीय निकायों और समाज के हर व्यक्ति के एकजुट होकर काम करने का।

💧 क्या करना होगा अभी से?
🔹 रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा दें
हर घर और भवन में वर्षा जल संरक्षण को अनिवार्य बनाएं।
🔹 स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी तय हो
भवन निर्माण से जुड़ी जमा राशि का उपयोग वर्षा जल संचयन सिस्टम लगाने में किया जाए।
🔹 जल स्रोतों को रिचार्ज सिस्टम से जोड़ें
हैंडपंप और ट्यूबवेल को रेनवाटर हार्वेस्टिंग से जोड़ना अनिवार्य किया जाए।
🔹 प्राकृतिक रिचार्ज के लिए खुली जमीन बचाएं
सड़कों के किनारे खुली जगह छोड़ी जाए ताकि पानी जमीन में समा सके।
🔹 रजिस्ट्रेशन से पहले शपथ पत्र अनिवार्य हो
भूखंड/मकान रजिस्ट्री से पहले वर्षा जल संरक्षण का संकल्प लिया जाए।
🔹 बोरवेल पर नियंत्रण जरूरी
बिना रिचार्ज सिस्टम के नए बोरवेल की अनुमति न दी जाए।
🔹 जनजागरूकता अभियान लगातार चलें
सरल और सस्ती तकनीकों की जानकारी हर व्यक्ति तक पहुंचे।
🔹 जनप्रतिनिधि खुद उदाहरण बनें
अपने घरों में सिस्टम लगाकर लोगों को प्रेरित करें।
🔹 सरकारी भवनों में अनिवार्य कार्यान्वयन
हर सरकारी भवन पर रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम कार्यरत हो।
🔹 प्रोत्साहन और सम्मान की व्यवस्था
जल संरक्षण करने वालों और तकनीशियनों को सम्मानित किया जाए।
⚠️ चेतावनी
यदि अभी रिचार्ज नहीं किया गया, तो आने वाले समय में जल स्रोत हमेशा के लिए समाप्त हो सकते हैं—जैसा कि दुनिया के कई हिस्सों में हो चुका है।
🌱 संदेश
जल है तो कल है।
आज का प्रयास ही आने वाले भविष्य की सुरक्षा है।
✍️ डॉ. पी. सी. जैन (MBBS)
जल शक्ति मंत्रालय द्वारा ‘वॉटर हीरो’ सम्मानित