वीर नारियों के कल्याण एवं सेना के बच्चों की शिक्षा के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता के तहत, सप्त शक्ति कमान ने जयपुर सैन्य स्टेशन में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में वीर नारियां, पूर्व सैनिक, सेवारत कर्मियों तथा उनके परिवार शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान का सम्मान करना तथा उनके सशक्तिकरण एवं कल्याण के प्रति समर्थन को और मजबूत करना था।
इस समारोह में प्रख्यात शिक्षाविद और समाजसेवी सुश्री देवयानी जयपुरिया, चम्पा देवी जयपुरिया चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्य तथा पूर्व सैनिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सशस्त्र बलों के बच्चों के लिए शिक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़ी पहलों को आगे बढ़ाने में सेना और सिविल सोसाइटी के बीच मजबूत सहयोग पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम के दौरान, रीजनल प्रेजिडेंट सप्त शक्ति आर्मी वाइव्स वेलफेयर अस्सोसिएशन्स श्रीमती बरिंदर जीत कौर ने सेना के बच्चों और दिव्यांग छात्रों के लिए एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर और लर्निंग रिसोर्स समर्पित किए। इनमें आशा स्कूल के बच्चों के लिए लर्निंग-प्ले एरिया, आर्मी पब्लिक स्कूल के बच्चों के लिए अत्याधुनिक स्टीम लैबोरेटरी और मेधावी छात्रों के लिए टैबलेट शामिल थे। इन पहलों का मकसद छात्रों में इनोवेशन, अनुभव-आधारित लर्निंग, डिजिटल साक्षरता और सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर अपने संबोधन में, सप्त शक्ति कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह ने रक्षा कर्मियों के बच्चों की शिक्षा और विकास के लिए चंपा देवी जयपुरिया चैरिटेबल ट्रस्ट के मिले सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्टीम लैब और डिजिटल लर्निंग रिसोर्स जैसी पहल छात्रों को तेज़ी से बदलते भविष्य के लिए ज़रूरी कौशल प्रदान करेंगी और उनके शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
इस अवसर पर भारतीय सेना ने पूर्व सैनिकों तथा वीर नारियों के कल्याण और सशक्तिकरण के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता व्यक्त की तथा सैन्य परिवारों के त्याग और समर्थन को सशस्त्र बलों की मजबूती का आधार बताया।
कार्यक्रम का समापन 'वीर नारियों' के सम्मान और शिक्षा, समाज कल्याण तथा राष्ट्र-निर्माण में योगदान के लिए सुश्री देवयानी जयपुरिया और चंपा देवी जयपुरिया चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।