जम्मू। उत्तर रेलवे के नव सृजित जम्मू मंडल के लिए शुक्रवार का दिन एक ऐतिहासिक दिन साबित हुआ। बारामूला-संगलदान रेल खंड पर स्थित पंपोर गुड्स शेड पर कश्मीर घाटी में पहली बार मालगाड़ी की हैंडलिंग सफलतापूर्वक की गई। सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद 15 जुलाई को प्रारंभ हुए इस गुड्स शेड पर 24 घंटे के भीतर ही पहली रेक का आगमन क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
जम्मू मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री उचित सिंघल के अनुसार यह अनंतनाग के बाद कश्मीर घाटी का दूसरा गुड्स शेड है, इस पहली हैंडलिंग ने यह सिद्ध कर दिया है कि नया शेड कश्मीर से और कश्मीर के लिए माल एवं लॉजिस्टिक आवाजाही में तुरंत प्रभावी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। पहली रेक से जुड़ी प्रमुख बातों पर ध्यान दें, तो पंपोर गुड्स शेड पर पहली रेक के माध्यम से सीमेंट की आवक की गई। यह रेक अंबाला मंडल के भारतगढ़ और किरतपुर साहिब से 21-21 बीसीएन वैगन अल्ट्राटेक, एसीसी एवं अंबुजा सीमेंट लेकर पंपोर पहुंची। गुड्स शेड पर प्रातः 06.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे तक बुकिंग एवं हैंडलिंग की सुविधा उपलब्ध है।
जम्मू कश्मीर क्षेत्र एवं जम्मू मंडल को होने वाले लाभ पर बात करें, तो पंपोर में गुड्स शेड के शुरू होने और पहली रेक की हैंडलिंग से कश्मीर घाटी को सीधे कई लाभ मिलेंगे। पहला, अब घाटी के फल उत्पादकों, किसानों, सीमेंट एवं निर्माण सामग्री के व्यापारियों को अपना माल लाने-ले जाने के लिए अनंतनाग या अन्य दूरस्थ स्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे समय और परिवहन लागत में भारी बचत होगी। दूसरा, स्थानीय स्तर पर लोडिंग-अनलोडिंग, ट्रांसपोर्ट, पैकेजिंग और अन्य सहायक सेवाओं में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। तीसरा, अनंतनाग गुड्स शेड पर दबाव कम होगा और माल की निकासी तेज एवं सुगम होगी। इससे कश्मीर से बाहर और बाहर से कश्मीर के अंदर माल की आवाजाही अधिक विश्वसनीय बनेगी। चैथा, बेहतर माल ढुलाई से क्षेत्र में औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी और रेलवे के राजस्व में वृद्धि होगी। इस अतिरिक्त राजस्व का उपयोग यात्री सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा।
रेल प्रशासन ने सभी व्यापारिक संगठनों, उद्योगपतियों और आम जनता से अपील की है कि वे इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाएं और ‘‘मेक इन कश्मीर’’ को बढ़ावा देने में रेलवे के साथ भागीदार बनें।