पारस हेल्थ उदयपुर में 1 से 7 जुलाई तक मनाया जाने वाला यह हफ़्ते भर का कार्यक्रम IHW काउंसिल के लंबे समय से चले आ रहे 'ग्रैटिट्यूड वीक’अभियान पर आधारित है। इस अभियान का उद्देश्य हेल्थकेयर में विश्वास को मज़बूत करना और हर डॉक्टर के सफ़र के पीछे के अनदेखे प्रयासों को सराहना है।
उदयपुर : राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस (नेशनल डॉक्टर्स डे) के अवसर पर पारस हेल्थ उदयपुर ने IHW काउंसिल के साथ साझेदारी की है। IHW देश भर में ग्रैटिट्यूड वीक मूवमेंट का संचालन करता है। इसके लिए 1 से 7 जुलाई को ग्रैटिट्यूड वीक मनाया जा रहा है। इस साझेदारी के ज़रिए पारस हेल्थ उदयपुर डॉक्टरों को सम्मान देना चाहता है, साथ ही हर चिकित्सीय फैसले के पीछे छिपी कोशिश, दया और ज़िम्मेदारी के बारे में एक बड़ी राष्ट्रीय बातचीत को बढ़ावा देना चाहता है। इस तरह के प्रयासों से डॉक्टरों, मरीज़ों और समाज के बीच व्याप्त विश्वास को मजबूती मिलती है।
इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए पारस हेल्थ उदयपुर अपने कॉम्प्लेक्स में कई पहलों के ज़रिए ग्रैटिट्यूड वीक मना रहा है। इसके तहत मरीज़ों, परिवारों, देखभाल करने वालों, कर्मचारियों और समुदायों को चिकित्सा समुदाय का जश्न मनाने के लिए बुलाया जा रहा है। पारस हेल्थ उदयपुर में ग्रैटिट्यूड वॉल्स, डॉक्टर एप्रिसिएशन सेरेमनी, एक खास ऑनलाइन ट्रिब्यूट प्लेटफॉर्म, और मरीज़ों और समुदाय की आवाज़ों से आभार की कहानियाँ देश भर के लोगों को डॉक्टरों को सराहने के लिए प्रोत्साहित करेंगी।
ग्रैटिट्यूड वीक का मुख्य उद्देश्य न सिर्फ़ डॉक्टरों के सफल इलाज को सराहना है, बल्कि हर चिकित्सीय फ़ैसले के पीछे की कड़ी मेहनत और लगन की भी प्रशंसा करना है। इस पहल के ज़रिए पारस हेल्थ चाहता है कि लोग डॉक्टरों की सालों की पढ़ाई, अनुभव, दया और समर्पण की तारीफ़ करें क्योंकि इन्हीं भावों को वे हर मरीज़ की देखभाल में लाते हैं। यह पहल खास तौर पर इसलिए ज़रूरी है क्योंकि हेल्थकेयर सिस्टम बदल रहा है। 2026 एडेलमैन ट्रस्ट एंड हेल्थ रिपोर्ट के मुताबिक, आज डॉक्टरों को सोशल मीडिया, दोस्तों और परिवार, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लोगों के विश्वास के लिए बढ़ते कॉम्पिटिशन का सामना करना पड़ रहा है। एक और 2026 के सर्वे में पाया गया कि 44% डॉक्टरों का मानना है कि मरीज़ उनकी इलाज की सलाह पर एक साल पहले की तुलना में कम भरोसा करते हैं। इस स्थिति में पारस हेल्थ और IHW काउंसिल का मानना है कि डॉक्टरों और जिन समुदायों की वे सेवा करते हैं, उनके बीच मज़बूत विश्वास, समझ और सम्मान बनाना पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है।
पारस हेल्थ उदयपुर के फैसिलिटी डायरेक्ट श्री अनुभव सुखवानी ने कहा, “डॉक्टर दूसरों की सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित कर देते हैं। अक्सर वे अपनी जरूरत से ज्यादा मरीजों की जरूरत का ख्याल रखते हैं। ग्रैटिट्यूड वीक इस खास समर्पण को सराहने और मरीज़ों, परिवारों और समाज को अपनी प्रशंसा ज़ाहिर करने का मौका देने का हमारा तरीका है। पारस हेल्थ उदयपुर में हमें इस देश भर में चल रहे अभियान में शामिल होने पर गर्व है, क्योंकि यह अभियान हमारी मेडिकल बिरादरी की दया, हिम्मत और सेवा का जश्न मनाता है, साथ ही उस विश्वास को मज़बूत करता है जो अच्छी हेल्थकेयर के लिए ज़रूरी होता है।”
यह पहल COVID-19 महामारी के दौरान IHW काउंसिल द्वारा डॉक्टरों, नर्सों और फ्रंटलाइन हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के असाधारण योगदान की प्रशंसा करने के लिए शुरू किए गए देशव्यापी ग्रैटिट्यूड वीक अभियान पर आधारित है। पिछले पांच सालों में यह अभियान एक देशव्यापी प्लेटफॉर्म बन गया है। इसने हेल्थकेयर संस्थानों, पॉलिसीमेकर्स, मेडिकल एसोसिएशन्स, इंडस्ट्री लीडर्स और नागरिकों को एप्रिसिएशन कैंपेन, रिकग्निशन सेरेमनी और पब्लिक एंगेजमेंट पहल के ज़रिए एक साथ लाया है ताकि भारत की चिकित्सा बिरादरी के लिए आभार और विश्वास का एक स्थायी कल्चर बनाया जा सके। इस सहयोग के माध्यम से पारस हेल्थ और IHW काउंसिल का उद्देश्य चिकित्सा पेशे से जुड़े समर्पण, सेवा और मानवीय मूल्यों के प्रति लोगों में सम्मान और आभार की भावना को प्रोत्साहित करना है, ताकि यह जनआंदोलन और ज्यादा मज़बूत बन सके।
IHW काउंसिल के CEO श्री कमल नारायण ओमर ने कहा, “महामारी के दौरान ग्रैटिट्यूड वीक की शुरुआत इस विश्वास के साथ हुई कि डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी केवल संकट के समय ही नहीं, बल्कि हर दिन अपने समर्पण, सेवा और मानवीय संवेदनाओं के लिए समाज के सम्मान और आभार के वास्तविक हक़दार हैं। पिछले कई सालों के दौरान यह पहल एक देशव्यापी जनआंदोलन का रूप ले चुकी है, जिसका उद्देश्य चिकित्सा पेशे के प्रति समाज में सम्मान, विश्वास और आभार की उस भावना को और मजबूत करना है, जिसे डॉक्टरों ने अपनी निस्वार्थ सेवा और समर्पण से वर्षों से हासिल किया है। डॉक्टरों का हमारे समाज में हमेशा बहुत ज़्यादा विश्वास रहा है क्योंकि वे हमारे सबसे मुश्किल समय में हमारे साथ खड़े रहते हैं। इस साल पारस हेल्थ के साथ हमारे सहयोग से हम उम्मीद करते हैं कि पूरे भारत में ज़्यादा से ज़्यादा लोग हर डॉक्टर के काम के पीछे के असाधारण समर्पण, दया और हिम्मत को पहचानें और एक ऐसे कल्चर को फिर से शुरू करने में मदद करें जहाँ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स को न सिर्फ़ उनके द्वारा बचाई गई जानों के लिए, बल्कि हर दिन उनके द्वारा की जाने वाली निस्वार्थ सेवा के लिए भी महत्व दिया जाए।”
1 जुलाई से 7 जुलाई तक ग्रैटिट्यूड वीक मनाया जा रहा है। इस बार पारस हेल्थ उदयपुर आस-पास के इलाकों के मरीज़ों, परिवारों और समुदायों को मिलकर आभार जताने और उन मेडिकल प्रोफेशनल्स का जश्न मनाने के लिए बुला रहा है जो दूसरों की देखभाल के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर देते हैं। डॉक्टर्स दिवस मनाने से कहीं ज़्यादा यह पहल डॉक्टरों के लिए हमदर्दी, भरोसा और प्रशंसा करने का एक बुलावा है, जिसमें न सिर्फ़ उनके दिए गए नतीजों को पहचाना जाता है, बल्कि हर मरीज़ के सफ़र के पीछे की इंसानियत, लगन और मज़बूत समर्पण को भी महत्व दिया जाता है।