श्रीगंगानगर। डिजिटल ई-बारी एवं ई-आबियाना की प्रगति की समीक्षा हेतु शुक्रवार को जिला कलेक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों योजनाओं के अंतर्गत अब तक की गई प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में शेष कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार डिजिटल ई-बारी एवं ई-आबियाना योजनाएं किसानों के हित में लागू की गई महत्वपूर्ण पहल हैं, जिनसे सिंचाई व्यवस्था एवं उपकर प्रबंधन को पारदर्शी, सरल एवं प्रभावी बनाया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने और ई-बारी एप में डाटा एंट्री कार्य तथा ई-आबियाना एप को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिये।
जिला सूचना विज्ञान अधिकारी श्री परमजीत सिंह ने बताया कि डिजिटल ई-बारी एक स्मार्ट ऑनलाइन प्रणाली है, जिसे एनआईसी श्रीगंगानगर द्वारा विकसित किया गया है। इस प्रणाली के माध्यम से नहर आधारित सिंचाई व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाया गया है। पूर्व में जहां जल उपयोगकर्ता संघों द्वारा सिंचाई पर्चियां हस्तलिखित रूप में तैयार की जाती थीं, वहीं अब एक क्लिक में सिंचाई समय-सारिणी तैयार की जा रही है। किसान अपने मोबाइल अथवा ऑनलाइन माध्यम से कभी भी अपनी पानी की बारी की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
डिजिटल ई-बारी से जिले के 180 जल उपयोगकर्ता संघों, लगभग 2,97,500 किसानों एवं 1,223 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। यह नवाचार जल संरक्षण, सतत कृषि, सुशासन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा। इससे समय एवं श्रम की बचत के साथ-साथ पक्षपात की संभावनाएं समाप्त होंगी और किसानों का विश्वास सुदृढ़ होगा।
ई-आबियानाः सिंचाई उपकर प्रबंधन में डिजिटल नवाचार
श्रीगंगानगर जिले में सिंचाई उपकर (आबियाना) के निर्धारण एवं संग्रह की प्रक्रिया को सरलए पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ई-आबियाना डिजिटल पहल विकसित की जा रही है। यह प्रणाली किसानों के फसल विवरण, भूमि अभिलेख एवं सिंचाई क्षेत्र की जानकारी को एकीकृत कर उपकर की सटीक गणना सुनिश्चित करेगी।
ई-आबियाना के माध्यम से प्रशासन को रियल-टाइम डेटा के आधार पर निगरानी एवं राजस्व प्रबंधन में सुविधा मिलेगी, वहीं विभागीय कार्यप्रणाली में स्वचालन एवं दक्षता आएगी। किसान ऐप के माध्यम से अपने देय एवं भुगतान किए गए आबियाना की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे तथा डिजिटल माध्यम से भुगतान भी कर सकेंगे। यह पहल समय की बचत, त्रुटियों में कमी एवं पारदर्शिता को बढ़ावा देते हुए किसान-केंद्रित एवं तकनीक आधारित शासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन श्री सुभाष कुमार, जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री धीरज चावला, सहायक प्रोग्रामर श्री सुनील कुमार, श्री सतनाम सिंह, श्री संदीप कुमार, श्री जगदीप सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।