श्रीगंगानगर। राजस्थान राज्य न्यायिक अकादमी की ओर से श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ न्याय क्षेत्र के न्यायिक अधिकारियों की संयुक्त दूसरी त्रैमासिक कार्यशाला रविवार को माननीय न्यायमूर्ति श्री अशोक कुमार जैन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई।
दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात कार्यशाला का शुभारंभ माननीय न्यायमूर्ति के स्वागत-अभिनंदन से हुआ। इस दौरान वक्ताओं द्वारा विभिन्न विषयों से संबंधित प्रश्नों को रखा गया। इस दौरान माननीय न्यायमूर्ति द्वारा विभिन्न विषयों से संबंधित जिज्ञासाओं पर आधारित जानकारी देते हुए बताया गया कि इन सभी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए न्यायिक प्रक्रिया सम्पादित की जाए।
कार्यशाला में नये आपराधिक कानून, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय न्याय संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के नये प्रावधानों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही दीवानी प्रकरणों के तहत आदेश 7 नियम 11 सीपीसी के तहत आवेदन, आदेश 1 नियम 10, आदेश 38 नियम 4 और 5, आदेश 14 नियम 2 सीपीसी पर भी न्यायिक अधिकारी द्वारा विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान माननीय न्यायमूर्ति द्वारा नये प्रावधानों के मद्देनजर न्यायिक प्रक्रिया पूर्ण करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर श्रीगंगानगर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रविन्द्र कुमार, श्री तनवीर चैधरी जिला एवं सत्र न्यायाधीश हनुमानगढ़, सेशन जज एसीडी श्रीमती शैल कुमारी सोलंकी, पारिवारिक न्यायालय श्रीगंगानगर (संख्या-1) न्यायाधीश श्री मदन गोपाल आर्य, एनडीपीएस न्यायालय न्यायाधीश श्रीगंगानगर श्री अजय कुमार भोजक, पोक्सो न्यायालय (संख्या 1) श्री योगेश जोशी, पोक्सो न्यायालय (संख्या 2) श्री राजेश कुमार, एडीजे (संख्या 2) श्री कमल लोहिया, एससी-एसटी न्यायालय न्यायाधीश गंगानगर श्रीमती सुषमा पारीक, सीजेएम श्री नारायण प्रसाद, पारिवारिक न्यायालय हनुमानगढ़ न्यायाधीश श्री अशोक कुमार टाक, एनडीपीएस न्यायालय हनुमानगढ़ श्री पृथ्वीपाल सिंह, पोक्सो न्यायालय हनुमानगढ़ श्री दीपक पाराशर, सीजेएम हनुमानगढ़ श्रीमती सुनीता बेरा और दोनों जिलों के न्यायिक अधिकारी सहित अन्य मौजूद रहे। श्रीमती निधि पूनिया और एडीजे (संख्या 2) श्रीमती लतिका दीपक पराशर ने मंच संचालन किया।